वाराणसी। जल निगम की गंगा प्रदूषण इकाई ने काम के दौरान पेयजल की पाइप लाइन को तोड़ दिया। इसके चलते हुकुलगंज में पेयजल संकट गहरा गया है। क्षेत्र के पार्षद बृजेश चंद्र श्रीवास्तव ने अधिकारियों को इसकी सूचना देने के साथ चेतावनी दी कि यदि संकट दूर नहीं हुआ तो वे अकेले ही धरने पर बैठ जाएंगे। इसके बाद आननफानन में काम शुरू हो गया।
दरअसल क्षेत्र में मुख्य पाइपलाइन से घरों का सीवर कनेक्शन जोड़ा जा रहा है। गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई ने इस काम के दौरान पेयजल की पाइप लाइन तोड़ दी। इसके चलते क्षेत्र में पानी की समस्या खड़ी हो गई। पार्षद ने जल निगम की सीवर और पेयजल इकाई के अधिकारियों को इसकी सूचना दी। बावजूद इसके जब काम शुरू नहीं हुआ तो फिर उन्होंने इन अधिकारियों को फोन कर धरना देने की बात कही। इसके एक घंटे बाद काम शुरू हो गया। पार्षद और क्षेत्रीय नागरिकों ने बताया कि पाइप लाइन टूटने के बाद से इधर के क्षेत्र में पूरा बाढ़ सा दृश्य हो गया था। जल निगम पेयजल एवं जल निगम सीवर के चक्कर में हुकुलगंज के क्षेत्र की जनता पीने के पानी के लिए परेशान है। इन दोनों विभागों के आपसी तालमेल के अभाव में जनता पेयजल समस्या से जूझ रही है। हुकुलगंज त्रिमुहानी से पांडेपुर तक के लोग पीने के पानी के लिए परेशान है। इस गली के मोड़ पर पाइप लाइन जेसीबी से तोड़ी गई उसे बनवाने की बात कही गई तो तोड़ने वाली जल निगम की इकाई मानने को तैयार नहीं हुई। बाद में जब अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया तो मरम्मत का काम शुरू हो गया।