काशी मंथन की ओर से करगिल युद्ध की 25वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पूर्व थलसेनाध्यक्ष जनरल वेद प्रकाश मलिक ने युद्ध से जुड़ी यादें साझा कीं। जवानों की वीरता को सलाम करते हुए जनरल मलिक ने कहा कि जवानों में उस समय देश की रक्षा करने का जोश इतना अधिक था कि वे हर लड़ाई लड़ने को तैयार थे।
सनबीम वरुणा में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य करगिल युद्ध की यादों को ताजा करना और वीर सैनिकों की शहादत को सलाम करना था। जनरल मलिक ने ‘करगिल युद्ध: एक प्रमुख की यादें’ विषयक व्याख्यान में युद्ध से जुड़े अनुभव और रणनीतिक दृष्टिकोण विस्तार से बताया। कहा कि सैनिकों की शहादत को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। देश की सीमाओं पर मौजूद जवान किसी भी मुश्किल का सामना करने में सक्षम हैं। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित श्रोताओं ने जनरल मलिक से संवाद किया। संचालन स्नेहा रॉय ने किया। धन्यवाद प्रधानाचार्या डॉ. अनुपमा मिश्रा ने किया। सनबीम शिक्षण समूह के अध्यक्ष डॉ. दीपक मधोक, वाइस चेयरपर्सन भारती मधोक ने स्मृति चिह्न देकर जनरल को सम्मानित किया। इस दौरान हर्ष मधोक, मनीष टंडन , काशी मंथन के सचिव डॉ. मयंक नारायण सिंह आदि मौजूद रहे।