गिरफ्तार आरोपियों में राजमंदिर निवासी सोनू कन्नौजिया, सिगरा निवासी रुद्र उर्फ विवेक, बिहार के समस्तीपुर बिरहा निवासी संतोष कुमार, रामघाट निवासी साहिल मिश्रा, दशाश्वमेध निवासी रंजीत, बुलानाला निवासी अभिषेक यादव, तेलियाना फाटक निवासी विपिन शर्मा, त्रिपुरा भैरवी घाट निवासी रोशन ठाकुर, लोहता के भड़वरा पाल बस्ती निवासी हर्ष सिंह और चंदौली के मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के चंदासी निवासी चंद्रलोकीनाथ का नाम शामिल है। आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वे लोग मंदिर के आसपास पूजा की सामग्री बेचते हैं। यदि कोई मिलता है तो उसे दर्शन कराने में मदद करते हैं।
मंदिर के महंत परिवार से जुड़े सात-आठ लोग थाने पहुंचे
मंदिर में गर्भगृह तक सीधे दर्शन कराने की सुविधा के नाम पर श्रद्धालुओं से रुपये वसूलने का नेटवर्क कितना मजबूत था, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पकड़े गए आरोपियों के कोतवाली पहुंचते ही मंदिर के महंत परिवार से जुड़े लगभग सात-आठ लोग भी पहुंच गए। कुछ के परिजन भी आ गए।
उनका कहना था कि उनके बच्चों को पुलिस गलत उठा लाई। ये लोग शाम करीब 4:57 बजे तक कोतवाली में जमे रहे और आरोपी युवकों को छोड़ने के लिए पैरवी करते रहे। जब पुलिस ने साफ कर दिया कि मामले में कानूनी कार्रवाई होगी। साथ ही जांच आगे बढ़ेगी, तो पैरवी करने वालों की बेचैनी बढ़ गई। इस दौरान माहौल गरम रहा। शाम करीब 6 बजे के बाद पुलिस ने हिरासत में लिए गए युवकों का शांति भंग समेत अन्य आरोपों में चालान कर दिया।
एसीपी कोतवाली और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को निर्देशित किया गया है कि गोपनीय तरीके से काल भैरव मंदिर में जांच कराएं। आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करें। मंदिर परिसर के सीसी कैमरों और कंट्रोल रूम से इसकी निगरानी करें। - गौरव वंशवाल, डीसीपी काशी
भ्रष्टाचार की जड़ तक पहुंचेगी पुलिस
कोतवाली पुलिस अब जांच कर रही है कि अवैध दर्शन की व्यवस्था में किस स्तर तक संलिप्तता है। किस-किस की भूमिका लंबे समय से बनी हुई थी। अमर उजाला की पड़ताल के बाद शुरू हुई यह कार्रवाई प्रशासन के लिए एक बड़ी परीक्षा मानी जा रही है, क्योंकि भक्तों की आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मामले में लंबे समय से कोई कार्रवाई नहीं हुई है।