वाराणसी के दवा व्यापारियों ने दवाइयों की ऑनलाइन बिक्री पर रोक लगाने की मांग की है। कहा कि इससे हमारे व्यापार पर काफी असर पड़ रहा है। इसके साथ ही नशीली दवाएं ज्यादा बिक रही हैं।
अखिल भारतीय केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट संगठन ने गृहमंत्री से दवाओं की ऑनलाइन बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की मांग की है। इस पहल के बाद स्थानीय स्तर पर दवा विक्रेता समिति के पदाधिकारियों ने भी ऑनलाइन बिक्री पर रोक लगाने के संगठन के फैसले को सही ठहराते हुए जल्द कार्रवाई की अपील की है।
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अखिल भारतीय संगठन की ओर से गृहमंत्री को भेजे पत्र में कहा गया है कि कुछ ई-फार्मेसियों और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म द्वारा दवाओं की गलत तरीके से ऑनलाइन बिक्री की जा रही है। साथ ही तत्काल डिलीवरी भी देने का कार्य किया जा रहा है, जो कि गलत है।
औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के स्पष्ट प्रावधानों के बावजूद, ये प्लेटफॉर्म बिना उचित पर्चे की जाँच के किसी भी तरह की दवाओं को दे रहे हें। इससे युवाओं में नशाखोरी की लत भी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।
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दवा विक्रेता समिति वाराणसी के महामंत्री संजय सिंह ने बताया कि संगठन की ओर से गृहमंत्री को दिए पत्र में यह भी बताया गया है कि ऑफलाइन दवा विक्रेताओं पर तो नियंत्रण है लेकिन ऑनलाइन विक्रेताओं पर कोई अंकुश नहीं है, जिससे नशीली दवाओं के दुरुपयोग में 55 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बताया कि ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक लगाना युवाओं और समाज के हित में है। इस पर तुरंत कदम उठाने की जरूरत है।