अगस्त का पहला सप्ताह शुरू हो गया है न तो उन्होंने कार्यभार ग्रहण किया और न ही उनकी कोई सूचना आई है। स्थिति यह है कि मंडलीय अस्पताल में सप्ताह में तीन दिन रेडियोलॉजिस्ट शास्त्री अस्पताल रामनगर से आते हैं। तीन दिन वह रामनगर में सेवा देते हैं। हालांकि स्थायी तौर पर सरकारी अस्पतालों में रेडियोलॉजिस्ट की कमी की वजह से अल्ट्रासाउंड जांच प्रभावित होती है।
अगर अन्य चिकित्सकों की कमी की बात करें तो जिले में कहीं भी प्लास्टिक सर्जन नहीं है। इस वजह से आग लगने के दौरान जलने आदि की घटनाओं में बीएचयू में ही मरीज को भेजना पड़ता है। इसके अलावा सुपरस्पेशियलिटी सेवाओं के तहत गैस्ट्रोलॉजिस्ट, न्यूरो सर्जन, न्यूरोलॉजिस्ट भी नहीं है।
जिस रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती अस्पताल के लिए हुई है। उन्होंने अब तक कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। उनके आने की कोई सूचना नहीं है। फिलहाल मरीजों की जांच का काम सामान्य दिनों की तरह चल रहा है। इनके आने से और बेहतर सुविधा मिलने लगेगी। - डॉ.मृदुला मलिक, एसआईसी मंडलीय अस्पताल