जिले में जनवरी से लेकर अब तक पांच महीने में नो पार्किंग और विपरीत दिशा में गाड़ी चलाने के 48,143 चालान हुए हैं। इसमें नो पार्किंग
के
37,804 और विपरीत दिशा में चलने के 10339 चालान हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन्हीं दो वजहों से शहर में जाम देखने को मिलता है। ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर करने के लिए यातायात पुलिस की नई व्यवस्था भी इन्हीं लोगों की वजह से सफल नहीं हो रही है।
यातायात निरीक्षक पंकज कुमार तिवारी ने बताया कि सिटी कमांड सेंटर और चौराहों पर लगे ऑटोमेटिक कैमरों से नजर रखी जा रही है। अब तक हुए नो पार्किंग और विपरीत दिशा में गाड़ी चलाने के चालान में 70 फीसदी युवा हैं। वहीं, ऑटो और टोटो वाले चौराहे पर ही रोक कर सवारी बैठाने लगाते हैं। इस कारण भी जाम लग जाता है। उनका चालान कर वहां से उन्हें हटाया जाता है। कहा कि समय-समय पर लोगों को जागरुकता रैली समेत अन्य कार्यक्रमों से यातायात नियमों की जानकारी दी जाती है।