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Varanasi News: 25 वैदिक विद्वानों ने 11 द्रव्यों से शंकराचार्य का किया अभिषेक, विग्रहों को कराया नौका विहार

Tue, 10 Mar 2026 05:30 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: जगद्गुरु शंकराचार्य चंद्रशेखरेंद्र सरस्वती के 133वें जयंती महोत्सव के अनुष्ठान में विधायक नीलकंठ तिवारी और आरएसएस के पदाधिकारी शामिल हुए। विधि-विधान से अनुष्ठान को संपन्न कराया गया। इसमें भक्तों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
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जयंती महोत्सव में शामिल भक्त। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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कांची कामकोटि पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य चंद्रशेखरेंद्र सरस्वती के 133वें जयंती महोत्सव पर सोमवार को दक्षिण भारत और काशी के 25 वैदिक विद्वानों ने विविध अनुष्ठान किए। 11 तरह के द्रव्यों से अभिषेक और पूजन किया। सतचंडी व महारुद्र पारायण हुआ। 

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विग्रहों को नौका विहार कराया गया। विधायक नीलकंठ तिवारी व आरएसएस काशी प्रांत के पदाधिकारियों ने भी पूजन में शामिल हुए। मंगलवार को पूर्णाहुति पर 28 द्रव्यों से चंडी व रुद्र हवन होगा।

श्री गुरुचरणसेवा समिति के बैनर तले हनुमान घाट मार्ग स्थित श्रीकांची कामकोटीश्वर मंदिर में चार मार्च से शुरू जयंती महोत्सव में सुबह ही विविध अनुष्ठान शुरू हो गया। आंध्रप्रदेश के स्वामी यती अमृतानंद सरस्वती के सानिध्य में साईं कुमार शास्त्री के आचार्यत्व में महागणपति होम, वेद, चतचंडी, महारुद्र पारायण, रुद्रार्चन आदि अनुष्ठान हुआ। चंद्रशेखरेंद्र सरस्वती के पंचलोह विग्रह एवं पादुका का विशेष अर्चन एवं पूजन कर शाम को नौका विहार हुआ। मंदिर से लेकर घाट तक सैकड़ों भक्तों की भीड़ रही। भजन-कीर्तन करते हुए नौका में बैठकर विहार किया।

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दर्शन-पूजन किया गया

विधायक नीलकंठ तिवारी, पूजन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ काशी प्रांत के संपर्क प्रमुख और धर्म संस्कृति संगम के राष्ट्रीय महासचिव दीनदयाल पांडेय, काशी विभाग धार्मिक संपर्क प्रमुख एवं धर्म संस्कृति संगम प्रांत महासचिव डॉ. लेखमणि त्रिपाठी विमल आदि ने भी दर्शन-पूजन किया। 

नारायण घनपाठी, वी चंद्रशेखर द्राविड़ घनपाठी व कौशिक शर्मा ने बताया कि अंतिम दिन मंगलवार को चंडी यज्ञ, रुद्र हवन आदि होगा। 28 द्रव्यों से अभिषेक व पूजन होगा। अनुष्ठान में पांच से अधिक संस्कृत विद्यालयों के 50 से बटुक और काशी के अलावा दक्षिण भारत 300 से अधिक भक्त शामिल हुए हैं।
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