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नवागत पुलिस कप्तान के लिए वाराणसी में चुनौतियां अपार, क्या कर पाएंगे पार

Tue, 26 Jun 2018 04:02 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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नवागत पुलिस कप्तान सुरेश राव आनंद कुलकर्णी - फोटो : अमर उजाला
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कानून व्यवस्था से लेकर वाराणसी की सड़कों पर सुगम यातायात और चौराहों पर पुलिस की अवैध वसूली पर अंकुश लगाना नवागत पुलिस कप्तान सुरेश राव आनंद कुलकर्णी के लिए बड़ी चुनौती साबित होंगे। कार्ययोजना ऐसी बनानी होगी कि जिले वासियों के साथ ही देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालु और सैलानी भी खुद को बनारस में महफूज सुरक्षित करें।
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जिले में हाल की आपराधिक घटनाओं के खुलासे में हुई देरी, पुलिस को चकमा देकर आरोपियों का अदालत में समर्पण और आम आदमी के साथ दुर्व्यवहार ने पुलिसिया कार्यशैली के प्रति अविश्वास बढ़ाया है। इसके अलावा रोजाना शहर के अलग-अलग इलाकों में घंटों लगने वाले जाम से शहरवासी परेशान हैं।

पांच हजार से ज्यादा बगैर परमिट के फर्राटा भरते डग्गामार वाहन, दर्जनों अवैध वाहन स्टैंड और अतिक्रमण के प्रति थानेदारों की बेपरवाही के कारण शहर की सड़कों पर पैदल चल पाना भी दूभर हो गया है।
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वहीं, थानों में दर्ज मुकदमों की बात की जाए तो 3200 से ज्यादा ऐसे मामले हैं जिनकी विवेचना लंबित है। मुकदमों की तफ्तीश में देरी की वजह से पीड़ित का हित तो प्रभावित होता ही है, न्याय प्रक्रिया पर भी इसका असर पड़ता है।

इन हालात को देखते हुए जिले के लोगों को उम्मीद है कि नए कप्तान के आने के बाद पुलिस की कार्यशैली में सुधार आएगा और रोजमर्रा से जुड़ी उनकी समस्याओं का अंत होगा।
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गश्त नहीं करती पुलिस, चोरी से लोग परेशान

आए दिन वारदातों के बावजूद पुलिस की लचर कार्यशैली से बदमाश बेखौफ - फोटो : अमर उजाला
जिले की पुलिस रात्रि कालीन गश्त को लेकर बेहद लापरवाह रवैया अपनाए हुए हैं। नतीजतन, जिले भर में घरों और दुकानों में चोरी के 250 से ज्यादा मामलों का खुलासा नहीं हो सका है। कुछ ऐसा ही हाल वाहन चोरी का भी है। वाहन चोरी के 325 से ज्यादा मामलों का खुलासा करना पुलिस के लिए चुनौती बना हुई है। इसके अलावा लूट, छिनैती और उचक्कागीरी के मामलों का खुलासा तो टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।

गैंगेस्टर की कार्रवाई में थानेदार बरतते हैं कोताही

- फोटो : अमर उजाला
जिले के थानेदार अपराधियों पर गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई में कोताही बरतते हैं। नतीजतन, अपराधियों को जल्द ही जमानत मिल जाती है और वे वापस अपने पुराने काम में लग जाते हैं। बीते दिनों शिवपुर, दशाश्वमेध, भेलूपुर सहित अन्य थानों में ऐसे कई मामले सामने आए जब पुलिस ने गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई नहीं की और अपराधी को जल्द ही अदालत से जमानत मिल गई।
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एंटी रोमियो स्क्वॉड निष्प्रभावी, शोहदे हुए बेखौफ

बीते दिनों लंका क्षेत्र की इंदिरा नगर कॉलोनी में एक छात्रा ने शोहदे के आतंक से पढ़ाई बंद कर दी थी। इस पर शोहदा उसके घर जा धमका और परिजनों से मारपीट पर उतारू हो गया। कमोबेश यही स्थिति भेलूपुर, सिगरा सहित शहर के अन्य थाना क्षेत्रों में भी आए दिन देखने को मिल जाती है। इसकी अहम वजह थाना स्तर पर गठित एंटी रोमियो स्क्वॉड का प्रभावी तरीके से कार्य न करना है।
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