गांव पहुंचा शव, परिवार में मचा कोहराम
हादसे की सूचना मिलने के बाद परिजन दिल्ली पहुंचे। वहां से शव लेकर सोमवार की सुबह भीषमपुर गांव पहुंचे। शव पहुंचते ही परिवार और गांव में शोक छा गया। इसके बाद मारकंडिका घाट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
चार साल पहले हुई थी शादी
निलेश की शादी चार साल पहले हुई थी। उनकी कोई संतान नहीं थी। वह दो भाइयों और एक बहन में सबसे छोटे थे। परिजनों के मुताबिक वह काफी होनहार थे। उनकी असमय मौत से परिवार के साथ ही क्षेत्र में शोक का माहौल है।