वाराणसी के लंका थाना अंतर्गत सुंदरपुर स्थित सांई अपार्टमेंट के छठी मंजिल पर रहने वाले नगर निगम के ठेकेदार अशोक सिंह (55) ने गुरुवार को फांसी लगाकर जान दे दी। उन्होंने रस्सी के सहारे पंखे के हुक से फांसी लगाई थी। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने उनकी जेब से एक सुसाइड नोट मिला जिसमें उन्होंने अपने भाई को मुखाग्नि देने को कहा है।
चर्चा रही कि वह बेटी के अपनी मर्जी से शादी करने से नाराज थे। बेटी लव मैरिज करना चाहती थी जिसका वह विरोध कर रहे थे। जौनपुर जिले जलालपुर नवेदा के रहने वाले अशोक सिंह पिछले कुछ वर्षों से पत्नी, बच्चों के साथ सांई अपार्टमेंट में रहते थे। पत्नी रेनू सिंह सपा की नेत्री हैं।
इनके एक बेटी अनु और बेटा अभिषेक उर्फ गोलू है। बेटी लखनऊ में एक निजी कंपनी में जॉब करती है जबकि बेटा अभिषेक देहरादून में रह कर फिजियोथेरेपी की पढ़ाई कर रहा है। तीन दिन पहले अशोक की पत्नी रेनू लखनऊ में अपनी बेटी अनु के शादी समारोह में शामिल होने चली गई थी। बेटी के द्वारा अपने मर्जी से शादी करने से नाराज अशोक घर पर ही रुक गए थे।
गुरुवार की सुबह पत्नी रेनू ने अशोक के मोबाइल पर फोन किया लेकिन फोन नहीं उठा। परेशान रेनू ने अपने ममेरे भाई को घर भेजा। घर पहुंचकर दरवाजा पीटने पर कोई जवाब न मिलने पर पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी।
मौके पर पहुंचे एसओ लंका संजीव कुमार मिश्रा ने दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतरवा और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। अशोक की जेब से एक सुसाइड नोट मिला जिसमें अशोक ने अपने शरीर को मुखाग्नि देने के लिए छोटे भाई संजय सिंह को कहा था। लिखा था कि उनके खाते में पांच हजार है जिसे एटीएम से निकाल लेना। चर्चा रही कि वह बेटी की अपनी मर्जी से शादी करने से नाराज थे।