बीएचयू गेट पर बारिश के बाद जलभराव
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बारिश के बाद शहर में कई गलियां जलमग्न हो गईं। कई जगहों पर जल निकासी में दिक्कतें आईं। इसके बाद नगर निगम ने जलभराव के 85 स्थानों की पहचान की है। इनमें 70 नगर निगम के, पीडब्ल्यूडी के 15 हैं। साथ ही चार स्थान रेलवे के हैं। कई परिसीमन के बाद कई और क्षेत्र में नगर निगम में शामिल हुआ है। उसके सीवर से लेकर जल और सड़क की कार्ययोजना अभी बनाई जानी है। कई स्थानों पर ड्रेनेज सिस्टम को ठीक किया जाएगा ताकि इन स्थानों पर पानी न जमा हो।
एडीएम एफआर वंदिता श्रीवास्तव ने बताया कि लो-लैंड के क्षेत्रों में भी जल निकासी हेतु डीजल पंपों की पर्याप्त व्यवस्था है। शहर के 120 बड़े नालों एवं छोटे नालों के साथ-साथ सीवर सफाई का कार्य कराया जा चुका है। जिससे जलभराव की स्थिति न हो। 30 जून को बारिश के 30 मिनट बाद ही ड्रेनेज सिस्टम/गली पिट के माध्यम से खुद ही निकल गया था। समाचार पत्रों के माध्यम से प्राप्त जलभराव वाले स्थलों का चिह्निकरण कर उक्त स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर होने वाले जलभराव का स्थायी समाधान कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अंधरापुल, रथयात्रा, महमूरगंज, सेनपुरा, लल्लापुरा, औरंगाबाद एवं नई सड़क स्थलों पर कोई जल निकासी की लाइन नहीं है। वारिश होने पर बरसात का पानी सीवर लाइन के चॅवरों के माध्यम से निकलता है। जिसके कारण अत्यधिक बारिश होने पर जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती है जो कि कुछ समय बाद समाप्त हो जाती है। उक्त क्षेत्रों की सीवर लाइन सुचारू रूप से चल रही है।
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दालमंडी और पियरी क्षेत्र में जल निकासी की लाइन नहीं है। बारिश होने पर बरसात का पानी भी सीवर लाइन के माध्यम से निकलता है जिसके कारण अत्यधिक बारिश होने पर जल जमाव की स्थिति उत्पन्न होती है। उन्होंने बताया कि गिरजाघर के पास जलकल विभाग द्वारा अनुरक्षित सीवर लाइन सुचारू रूप से क्रियाशील है। उक्त स्थल पर बरसाती पानी के निकासी के लिए स्टार्म वॉटर लाइन है, जिसके अनुरक्षण एवं सफाई का कार्य उप्र जल निगम (ग्रामीण) द्वारा किया जाता है।