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UP: वाराणसी नगर निगम को छह साल में अवैध विज्ञापन के कारोबार ने लगाया 30 करोड़ का चूना, पढ़ें- पूरा मामला

Thu, 19 Feb 2026 05:03 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: वाराणसी जिले में नगर निगम को छह साल में अवैध विज्ञापन के कारोबार ने 30 करोड़ का चूना लगाया। अब निगम ने अवैध विज्ञापन दाताओं से कर वसूली के लिए उनके विज्ञापन और होर्डिंग की शिनाख्त शुरू कर दी। 
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बनारस सिटी स्टेशन के पास अवैध होर्डिंग। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी शहर के अंदर फैले अवैध विज्ञापनों के कारोबार ने नगर निगम के विज्ञापन राजस्व को छह साल से जबरदस्त तरीके से चूना लगाया। हर साल नगर निगम को अवैध विज्ञापन और होर्डिंग के चलते 5 करोड़ का नुकसान हो रहा है। इस तरह नगर निगम को अब तक 30 करोड़ का नुकसान हो चुका है। निगम ने अवैध विज्ञापन दाताओं से कर वसूली के लिए उनके विज्ञापन और होर्डिंग की शिनाख्त शुरू कर दी। 

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नगर निगम की ओर से हर विज्ञापन के लिए उसकी साइज के अनुसार रेट लिया जाता है। दूसरी तरफ नगर निगम के राजस्व विभाग की तरफ से प्रति वर्ष विज्ञापन से 8 से 10 करोड़ की आमदनी का अनुमान होता है। नगर निगम की तरफ से जिन अवैध स्थानों पर विज्ञापन और होर्डिंग का चिंह्नाकन किया गया है। सबसे ज्यादा निजी एडवरटाइजर घरों, छतों और पुलों की रेलिंग से लेकर पब्लिक स्पेस के इर्दगिर्द अपने विज्ञापन को दर्शाते हुए देखे गए हैं। हर लोकेशन की पहचान की गई है।
 

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अवैध विज्ञापन के 800 से अधिक स्थान चिह्नित

अवैध विज्ञापनों को पकड़ने के लिए नगर निगम के कर विभाग की टीम ने शहर के अंदर विभिन्न स्पॉट पर पड़ताल शुरू कर दी। इसके बाद शहर के अंदर 800 सौ से ज्यादा ऐसे स्थानों चुना,जहां पर बिना नगर निगम प्रशासन की अनुमति के अवैध रूप से विज्ञापन और होर्डिंग लगे हैं।

क्या बोले अधिकारी
राजस्व में इजाफा करने के लिए हमारी टीम की तरफ से अवैध विज्ञापन और होर्डिंग दाताओं के खिलाफ अभियान जारी है। विभाग से अनुमति बाद शहर में विज्ञापन करने की अनुमति दी जाती है। -जितेंद्र कुमार, विज्ञापन प्रभारी
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