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License Fees: शराब का बढ़ाया ही नहीं, अस्पताल- होटल कोचिंग से वसूलेंगे दोगुना लाइसेंस शुल्क

Fri, 19 Sep 2025 04:19 PM IST
प्रगति चंद गुंजन श्रीवास्तव, अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी।

सार

Varanasi News: कारोबार करने वालों को न केवल लाइसेंस शुल्क देना होगा बल्कि टैक्स भी देना होगा। इसका बोझ आम जनता पर पड़ेगा। सिर्फ शराब की दुकानों के लाइसेंस शुल्क बढ़ाए नहीं गए हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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वाराणसी नगर निगम ने अस्पताल, कोचिंग, होटल समेत कई के लाइसेंस शुल्क दोगुना से ज्यादा बढ़ा दिए हैं। जबकि शराब की दुकान के लाइसेंस शुल्क में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। सदन में पार्षदों के एतराज के बाद भी नई दरें लागू कर दी गई। इसे लेकर लोगों ने विरोध जताना शुरू कर दिया है। 

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कारोबार करने वालों को न केवल लाइसेंस शुल्क देना होगा बल्कि टैक्स भी देना होगा। इसका बोझ आम जनता पर पड़ेगा। सिर्फ शराब की दुकानों के लाइसेंस शुल्क बढ़ाए नहीं गए हैं। जो पुराने दर थे वही लागू हैं केवल बार के शुल्क में एक हजार रुपये की बढ़ोतरी की गई है। कोचिंग से पहले कोई शुल्क नहीं लिया जाता था। अब उनसे शुल्क लिया जाएगा। 

इसके अलावा अस्पताल, छोटे गेस्ट हाउस चलाने वाले, नर्सिंग होम और गाड़ियों के सर्विस सेंटर का शुल्क 50 हजार रुपये रखा गया है। नगर निगम अधिनियम के अनुसार 22 से 32 प्रतिशत लाइसेंस शुल्क में बढ़ोतरी का प्रावधान है लेकिन नगर निगम की ओर से मनमानी की जा रही है। इसके दायरे में कारोबार करने वाले सभी शामिल हैं। 
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लाइसेंस शुल्क की अवधि खत्म होने से पहले नवीनीकरण कराना अनिवार्य है। इसके बाद नवीनीकरण कराने पर 50 प्रतिशत विलंब शुल्क का प्रावधान है। नगर निगम सीमा क्षेत्र में लाइसेंस के लिए लागू होने वाली 24 उपविधियों को सदन में पारित किया गया है। उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 543 के तहत उपविधियों को लागू किया गया है। सपा पार्षद दल के नेता हारून अंसारी ने सदन में आवाज उठाई थी। बावजूद इसके लागू किया गया। 

सपा के पूर्व पार्षद शंकर विशनानी ने कहा कि नगर निगम को अधिकार दिया गया है। नियम के अनुसार हर दो साल में लाइसेंस शुल्क में बढ़ोतरी 22 प्रतिशत से कम न हो और 32 प्रतिशत से अधिक न बढ़ाया जाए। कर का निर्धारण शासन करता है। बढ़े हुए लाइसेंस शुल्क का गजट नहीं कराया गया। शासन से स्वीकृति के बाद ही इसे लागू किया जाना चाहिए।
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