प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में अब नगर निगम के ठेकेदारों को नालों की सफाई साल भर करनी पड़ेगी। इसके लिए नगर निगम अपने नियमों में बदलाव करने जा रहा है। इसके लिए एक अप्रैल से होने वाले टेंडर में नए नियम जोड़े जाएंगे।
अब तक मानसून से पहले सिर्फ एक बार नालों की सफाई कराई जाती थी। बाद में नालों के जाम होने से शहर में जगह-जगह लोग परेशान होते रहते हैं। इसके मद्देनजर नालों की सफाई की जिम्मेदारी जलकल से अपने हाथ लेने के बाद नगर निगम प्रशासन ने अब नियमों में बदलाव का निर्णय लिया है।
मौजूदा नियमों में साफ तौर से न लिखा होने के चलते ठेकेदार टेंडर लेने के बाद एक बार नाले की सर्फाई करके गायब हो जाते हैं। ऐसे में कुछ महीनों बाद नाले जब फिर भर जाते हैं तो उनकी सफाई जलकल या नगर निगम को फिर अपने पैसे से करानी पड़ती है। अब जो नए टेंडर होंगे, उनमें यह स्पष्ट होगा कि जो ठेकेदार टेंडर लेगा, वह साल भर जब जब नाले भरेंगे उनकी सफाई कराएगा।
नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल ने बताया कि टेंडर के सभी शर्तें पूरी करने के बाद ही ठेकेदार को भुगतान किया जाएगा। जानकारी के अनुसार करीब 24 बड़े नाले और 50 से अधिक छोटे नाले हैं, जिनकी साल भर में दो से तीन बार सफाई जरूरी होती है।