राष्ट्र्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि आने वाला समय भारत और सनातन धर्म का है। भारत समाज और भूगोल का नाम है। दुनिया को धर्म का मार्ग दिखाना है। विज्ञान की अपनी सीमाएं होती हैं। जहां से विज्ञान की सीमाएं समाप्त होती हैं, वहीं से वेद की शुरुआत होती है। वेदों में सब समाहित है। वर्तमान समय में डिजिटल इंडिया की तरह डिवाइन इंडिया की भी जरूरत है।
आरएसएस के सरसंघचालक रविवार की शाम चेतसिंह किला में आयोजित अग्निहोत्र यज्ञ के दौरान आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मोहन भागवत ने कहा कि विश्व के सुख का मार्ग पूर्ण ध्यान से ही होकर जाता है। आप सभी शास्त्रों की रक्षा करने वाले हैं। आपकी सुरक्षा में हिंदू समाज को खड़ा करने का काम हमारा है।
वेद और शास्त्रों का संरक्षण भारत व सनातन धर्म के उत्थान का काम है। भारत को संपूर्ण विश्व को धर्म देना है। सत्य का प्रतिपादन ही चारों वेदों के मूल में है। उन वेदों का आप जतन कर रहे हैं। सिर्फ जतन नहीं, उसे आप अग्निहोत्र धारण कर जी रहे हैं। मैं आपके दर्शन कर रहा हूं, यह मेरा सौभाग्य है।