घटनास्थल की जांच करती पुलिस
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रोहनिया थाना अंतर्गत अखरी निवासी राकेश सिंह बीएचयू के कर्मचारी हैं। उनका बड़ा बेटा गौरव और छोटा बेटा सौरभ बीएचयू में पढ़ते हैं। गौरव दिसंबर 2017 में बीएचयू में हुए बवाल का आरोपी होने के कारण 2018 में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था और इसी के बाद से वह निष्कासित चल रहा था।
छात्रों के अनुसार शाम सात बजे के लभगग बिड़ला ए चौराहा पर गौरव अपने दोस्तों से बातचीत कर रहा था। इसी दौरान दो बाइक पर सवार चार बदमाश आए और गौरव को लक्ष्य कर दो पिस्टल से आठ से 10 राउंड फायरिंग की। इससे छात्रों में भगदड़ मच गई। खून से लथपथ गौरव जमीन पर गिर पड़ा।
वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश बिड़ला सी चौराहा की ओर भाग निकले। बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के डॉक्टरों के अनुसार रात 12:45 बजे आईसीयू में भर्ती गौरव की मौत हो गई। उसके पेट और पसलियों में तीन गोली लगी थी।
गौरव के पिता राकेश सिंह की तहरीर पर शिवम द्विवेदी, आशुतोष त्रिपाठी, कुमार मंगलम और रुपेश तिवारी के खिलाफ लंका थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मौके से खोखे बरामद किए। एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि वारदात की वजह छात्र गुटों की पुरानी रंजिश है। गौरव द्वारा बताए गए चारों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।