दुकानों के सामने अतिक्रमण को एक सप्ताह में हटाने का निर्देश दिया गया है। ऐसा नहीं करने पर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाने की बात कही। कहा कि इस दौरान जुर्माना भी वसूला जाएगा। मेयर ने पेयजल आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त रखने का निर्देश दिया। ताकि गर्मी में पेयजल का संकट न हो सके। समीक्षा में यह बात भी सामने आई कि नौ में से तीन ओवरहेड टैंक डिस्ट्रीब्यूशन लाइन न होने के कारण बेकार पड़े हैं।
ठेकेदार की ओर से काम रोकने की बात पर मेयर ने नाराजगी जताते हुए जलकल के महाप्रबंधक से एक सप्ताह में कार्य पूरा कराने को कहा। जल निगम के अधिकारियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई करने की चेतावनी दी। बैठक के मेयर ने सकारात्मक ऊर्जा भरने का भी प्रयास किया । कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा और उन्हें परिवार सहित भ्रमण पर जाने का अवसर दिया जाएगा।
15 जून से पहले होगी नालों की सफाई
मानसून से पहले शहर को जलभराव से मुक्त करने के लिए मेयर ने छह अप्रैल से नाला सफाई अभियान को तेज करने का निर्देश दिया। नालों को ए, बी, सी श्रेणियों में बांटकर 15 जून से पहले सफाई पूर्ण करने को कहा। अपर नगर आयुक्त को गोशालाओं में बेहतर साफ-सफाई, टीकाकरण और पौधरोपण के निर्देश दिए ताकि गोवंशों की मृत्यु दर शून्य रहे।
पक्के महाल के शाही नाले और शहर के पुराने कुओं के सौंदर्यीकरण पर भी विशेष बल दिया गया। दो साल में लगाए गए 28 हजार पौधों की स्थिति, सड़कों के निर्माण की गुणवत्ता, सीवर-पेयजल की स्थिति और सफाई व्यवस्था की जांच करने का निर्देश दिया। कहा कि सोमवार से वह खुद खुद फील्ड में उतरेंगे। सुबह 7. 30 बजे से ही वार्डवार निरीक्षण अभियान शुरू होगा।
राजस्व वसूली के लिए बनेगी ठोस योजना
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने राजस्व वसूली को लेकर अधिकारियों को सक्रिय किया। उन्होंने गृहकर, जलकर, लाइसेंस शुल्क, दुकानों के किराये की वसूली के लिए वित्तीय वर्ष 2026 27 में तत्काल ठोस कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया। ताकि वित्तीय वर्ष की शुरुआत से ही लक्ष्य प्राप्ति की जा सके।