दो किमी दूर से आग की लपटों और धुआं देखकर राहगीरों के वाहनों की रफ्तार थम गई। फूलपुर पुलिस और फायर ब्रिगेड आग बुझाने में जुटी। धीरे-धीरे वाराणसी के सभी फायर स्टेशनों की गाड़ियां मंगा ली गई लेकिन आग और भी विकराल होता गया। जौनपुर ने दमकल की गाड़ियां मंगाई गईं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत ने बताया कि वाराणसी, जौनपुर की कुल 11 गाड़ियों को मौके पर आग बुझाने के लिए लगाया गया। पानी खत्म होने पर गाड़ियां तुरंत पास के एक बिस्कुट फैक्ट्री से पानी भरकर पहुंचती रहीं।
उधर, एहतियातन सुरक्षा को लेकर फूलपुर पुलिस ने वाराणसी-जौनपुर हाइवे की एक लेन को बंद करवा दिया। कुछ देर तक करखियांव पंप के पास अफरा-तफरी का माहौल रहा। पंप के यार्ड से उठते धुएं को देखकर आसपास के गांवों और पास में एग्रो पार्क के उद्योग इकाइयों के कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए।
पंप के आसपास के स्थलों को खाली करा दिया गया। सीएनजी पंप के यार्ड से आग की लपटों को देखकर गेल अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। रात 11 बजे तक स्थिति बेकाबू रही। फायर ब्रिगेड और फूलपुर पुलिस आग बुझाने की प्रक्रिया में जुटी रहीं। आग बुझाने में तीन लोगों के झुलसने की भी बात सामने आई लेकिन पुलिस ने ऐसी सूचना से इन्कार किया।
गेल सीएनजी पंप के गोदाम और यार्ड में शुक्रवार की रात आग लग गई।
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पंप की लापरवाही से हुई बड़ी घटना, गेल अधिकारियों का लचर पर्यवेक्षण
सीएनजी पंप पर सावधानियां बहुत बरती जाती है लेकिन यह जानते हुए भी पंप के पीछे गोदाम बनाया गया। जहां पाइप समेत अन्य ऐसे उपकरण रखे गए थे। एक तरह से सुरक्षा में बड़ी लापरवाही बरती गईं। पंप के पर्यवेक्षण में लगे गेल अधिकारियों ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया। लिहाजा, रात में लगी आग बुझाने में फायर ब्रिगेड और फूलपुर पुलिस हांफ गईं। आसपास के उद्यमियों की भी सांसें अटक गईं। फैक्ट्रियों में तुरंत लोग मुस्तैद हो गए। 40 फीट से अधिक ऊंचाई पर आग की लपटों और धुएं के गुब्बार ने आसपास के लोगों को सहमा दिया।
दमकल कर्मचारियों ने आग बुझाने में की मशक्कत।
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गेल के पास नहीं था कोई हाइड्रेंट
गेल के पास कोई हाइड्रेंट नहीं था, जिससे आग को बुझाया जा सके। गेल से सटे बीडी वेंचर ग्रुप का हाइड्रेंट काम आया और फायर ब्रिगेड के पहुंचने के पूर्व गेल पंप के दक्षिणी और पश्चिमी छोर के आग को आगे बढ़ने नहीं दिया। अन्यथा एग्रो पार्क के 12 से अधिक फैक्ट्रियों को आग ने अपनी आगोश में ले लिया होता। उद्यमी राजेश अग्रवाल और कौस्तुभ अग्रवाल ने बताया कि 3 लाख लीटर क्षमता वाले हाइड्रेंट को चालू कर दिया, जिससे आग को फैलने और बुझाने में मदद मिली।
वाराणसी और जौनपुर दमकल की 11 गाड़ियों से आग बुझाने का प्रयास जारी है। आग विकराल है। गोदाम में पहले शाॅर्ट सर्किट से आग फैला और फिर सीएनजी पंप भी जद में आ गया। - आनंद सिंह राजपूत, सीएफओ
फायर सर्विस की गाड़ियां मौके पर पहुंच गई है। युद्धस्तर पर आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस फोर्स भी तैनात है। - नृपेंद्र कुमार, एडीसीपी गोमती जोन