विकास सिंह ने कहा कि भगवान परशुराम को भारतीय परंपरा में अन्याय के विरुद्ध संघर्ष और धर्म की रक्षा के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। इसी प्रतीकात्मक सोच के तहत राहुल गांधी की तस्वीर को परशुराम स्वरूप में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने दावा किया कि देश में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे गंभीर हैं तथा विपक्ष इन मुद्दों को लगातार उठाता रहा है।
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए बाबा विश्वनाथ और मां गंगा से प्रार्थना की। साथ ही आगामी समय में लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प भी दोहराया गया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में विभिन्न सामाजिक वर्गों तक पहुंच बनाने की कोशिशों के बीच कांग्रेस इस तरह के प्रतीकात्मक आयोजनों के माध्यम से अपना राजनीतिक संदेश देने का प्रयास कर रही है। हालांकि इसे लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों और लोगों की अपनी-अपनी राय है। कार्यक्रम में अनुरेश सिंह, आशुतोष सिंह, अधिवक्ता दीपक उपाध्याय, अधिवक्ता अखिलेश सिंह, अजहर खान, सुनील मिश्रा, मोहन यादव समेत अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।