दक्षिण भारत के इन आम से मैंगो शेक, आम लस्सी, अचार, मुरब्बा, चटनी बनाया जाता है। इस समय तो पुदीना और कच्चा आम की चटनी बहुत से घरों में बनाई जाती है। इसके अलावा मई के दूसरे सप्ताह में उड़ीसा से लंगड़ा, दशहरी, पश्चिमी बंगाल और बिहार के भागलपुर से भी आम की आवक शुरू होगी।
इन जगहों से भी आता है आम
यूपी के तमाम बेल्ट से बनारस में आम की आवक होती है। अप्रैल के बाद मई अंतिम सप्ताह में शाही आम तैयार होते हैं। इसमें लंगड़ा, दशहरी, फदली, चौसा हैं। बनारस का लंगड़ा, प्रतापगढ़, रायबरेली, बाराबंकी, फैजाबाद, मलिहाबाद, संदिला, सीतापुर, शाहजहांपुर, बरेली, मुरादाबाद का आम जून, जुलाई तक आता है। जुलाई से अगस्त के बीच में देहराूदन सहित पहाड़ी इलाकों से भी आम की आवक होती है।
दक्षिण भारत से आम नहीं आ पा रहा है, वहां के कारोबारियों के अनुसार तोड़ाई, पैकेजिंग, लोडिंग के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं। -किशन सोनकर, अध्यक्ष, वाराणसी प्रगतिशील सब्जी-फल व्यवसायी संघ
इस समय स्थिति ठीक नहीं चल रही है। आम की आवक प्रभावित है। दक्षिण भारत से आम की आवक काफी कम हो गई है। मई में पश्चिमी प्रदेश के जिलों से आम की आवक शुरू होगी तो थोड़ी राहत मिलेगी। -नारायण सोनकर, फल आढ़ती, पहडिय़ा मंडी