जल निगम निर्माण खंड बरईपुर सारनाथ की अलमारी से चोरी हुए कागजों की विभागीय जांच शुरू हो गई। कैशियर से पूछताछ के साथ बयान दर्ज कर लिया गया। फर्मों की जमानत राशि, एनएससी, बैंक गारंटी, एफडीआर से जुड़े अभिलेख चोरी हो गए हैं। इस संबंध में सहायक अभियंता कुलदीप प्रजापति ने सारनाथ थाने में अभिलेखों के चोरी होने की एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस इसके आधार पर जांच शुरू कर दी है।
उधर विभागीय जांच करने के लिए जल निगम की जांच टीम कार्यालय पहुंची। जल निगम के मुख्य अभियंता एके पुरवार और जांच सदस्यीय टीम में शामिल अधीक्षण अभियंता आरके बंसल व विभाग के मुख्य लेखा अधिकारी कमला प्रसाद ने जांच शुरू कर दी। दस्तावेजों को रखने वाले कैसियर हर्ष जायसवाल से अधिकारियों ने पूछताछ कर उनका बयान दर्ज किया।
मुख्य अभियंता ने कहा कि 48 घंटे में रिपोर्ट आएगी। दरअसल अधिशासी अभियंता अंकुर श्रीवास्तव ने इन अभिलेखों को विभाग के कैशियर हर्ष जयसवाल को दिया था। वर्तमान में अधिशासी अभियंता का स्थानांतरण हो गया है। कैशियर ने एफडीआर, जमानत धनराशि, के कागजात चोरी होने की जानकारी दी।
इस संबंध में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। 2008 से यह कार्यालय खुला है तब से लेकर अब तक के कागजात हैं। जल निगम के मुख्य अभियंता एके पुरवार ने बताया कि इन फर्मों के अभिलेखों के संबंध में बैंकों को सूचित कर दिया गया है। ताकि कोई इसका गलत इस्तेमाल न करने पाए।