बनारस में अगले साल जनवरी में होने वाले प्रवासी भारतीय सम्मेलन और प्रयाग कुंभ से काशी आने वाले पर्यटकों को ध्यान में रखते हुए वाराणसी को सजाने का काम शुरू हो चुका है। घाटों को संवारने के लिए उन पर खास तरह का रंग रोगन करने और लाइटिंग का काम शुरू कराने के लिए टेंडरिंग आदि की प्रक्रिया शुरू हो गई है। गंगा के घाटों पर पर्यटकों को वाईफाई की सुविधा देने की भी तैयारी चल रही है।
एक निजी टेलीकॉम कंपनी ने नगर निगम से घाटों पर टावर लगाने की अनुमति मांगी है। कंपनी करीब एक दर्जन टावर घाटों पर लगाना चाहती है। अभी सिर्फ राजेंद्र प्रसाद घाट पर ही वाईफाई की सुविधा उपलब्ध है।
नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल ने कंपनी के अधिकारियों से कहा है कि घाट पर कोई तोड़फोड़ और निर्माण की अनुमति नहीं है। इसलिए या तो घाट किनारे के भवनों को लेकर उन पर टावर लगाएं, या फिर नगर निगम के बने पक्के शौचालयों पर इन्हें स्थापित करें।
उधर, इलाहाबाद में अगले साल लगने वाले कुंभ में एक करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं का संगम तट पर पहुंचने का अनुमान है। इनमें से काफी श्रद्धालु कुंभ स्नान के बाद बाबा विश्वनाथ के दर्शन और गंगा स्नान के लिए काशी भी आते हैं। प्रशासन का अनुमान है कि अगले साल कुंभ के 20 से 25 लाख श्रद्धालु काशी आ सकते हैं। इन श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो, इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं।