शिकायत मिलने के बाद सतर्कता अधिष्ठान ने मामले की प्रारंभिक जांच की, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद अधिकारियों ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप बिछाया। शिकायतकर्ता को निर्धारित रकम के साथ भेजा गया और जैसे ही अंबिका सिंह ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, विजिलेंस टीम ने उन्हें मौके पर ही रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ और आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद गुरुवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने का आदेश दिया। सतर्कता अधिष्ठान के अधिकारियों का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।