सारनाथ और चुनार भी जाएंगे
विदेशी पर्यटकों के दल के लिए काशी और आसपास के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण भी निर्धारित है। दल सारनाथ स्थित बौद्ध तीर्थ स्थल के साथ ही चुनार और रामनगर किले का भ्रमण करेगा। इस दौरान पर्यटक इन स्थलों के इतिहास, संस्कृति और धार्मिक महत्व से रूबरू होंगे।
तीन नवंबर को विदेशी पर्यटकों का दल इसी क्रूज से कोलकाता के लिए रवाना होगा। वापसी यात्रा में पर्यटक बिहार के विभिन्न सांस्कृतिक, धार्मिक और पर्यटन स्थलों का भी भ्रमण करेंगे।
पांच सितारा होटल जैसी सुविधाएं
गंगा विलास क्रूज में 50 यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था है। क्रूज में पांच सितारा होटल जैसी सुविधाओं के साथ आधुनिक जिम, रेस्टोरेंट और सनडेक की सुविधा उपलब्ध है। सनडेक से पर्यटक गंगा और उसके किनारे के मनोरम प्राकृतिक दृश्यों का आनंद ले सकते हैं।
जनवरी 2023 में पहली बार पहुंचा था काशी
गंगा विलास जनवरी 2023 में 36 विदेशी पर्यटकों को लेकर पहली बार रामनगर स्थित मल्टीमॉडल टर्मिनल पहुंचा था। इस बार 15 विदेशी पर्यटकों के साथ इसका काशी आगमन दूसरी बार हुआ है। अपनी पिछली चर्चित यात्रा में क्रूज उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम के जलमार्गों से होते हुए बांग्लादेश के रास्ते डिब्रूगढ़ पहुंचा था। इस दौरान क्रूज ने करीब 3200 किलोमीटर की दूरी तय की थी।
जलस्तर बढ़ने से भागलपुर से लौटा था राजमहल
अगस्त में विदेशी पर्यटकों को लेकर कोलकाता से रवाना हुआ राजमहल क्रूज गंगा में जलस्तर अधिक होने के कारण भागलपुर से ही वापस लौट गया था। इस बार गंगा विलास क्रूज के काशी पहुंचने से पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों में भी उत्साह है