फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वाराणसी: 64 दिन बाद दशाश्वमेध घाट पर लौटेगी मां गंगा की आरती, फिर से सजा आस्था का दरबार

Tue, 20 Oct 2026 09:37 PM IST
किशन चौबे अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी

सार

वाराणसी के प्राचीन दशाश्वमेध घाट पर 64 दिनों बाद मां गंगा की दिव्य आरती अपने पारंपरिक स्थल पर लौटने जा रही है। गंगा में बाढ़ के कारण गंगोत्री सेवा समिति की छत पर आरती की जा रही थी। जलस्तर घटने और घाट की सफाई सहित जरूरी व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद आरती को मूल स्थान पर आयोजित करने की तैयारी है।
 
विज्ञापन
दशाश्वमेध घाट, गंगा आरती - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गंगा में आई बाढ़ के कारण 64 दिनों से अपने पारंपरिक स्थल से दूर हो रही मां गंगा की दिव्य आरती अब प्राचीन दशाश्वमेध घाट पर लौटने जा रही है। बाढ़ के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गंगोत्री सेवा समिति की छत पर नियमित रूप से आरती की जा रही थी। अब गंगा का जलस्तर कम होने और घाट की सफाई सहित जरूरी व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद आरती को फिर उसके मूल स्थान पर आयोजित करने की तैयारी है।

विज्ञापन


बाढ़ के बाद घाट की सफाई, दुरुस्त हुईं व्यवस्थाएं
बाढ़ के कारण दशाश्वमेध घाट पर सिल्ट और गंदगी जमा हो गई थी। आरती को पारंपरिक स्थल पर शुरू करने से पहले घाट की सफाई कराई गई और जरूरी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया गया। इसके बाद 64 दिनों के अंतराल पर मां गंगा की आरती को फिर प्राचीन दशाश्वमेध घाट पर आयोजित करने की तैयारी की गई है।

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

दशाश्वमेध घाट, गंगा आरती - फोटो : Amar Ujala
बाढ़ में भी नहीं टूटी आरती की परंपरा
काशी की गंगा आरती धार्मिक अनुष्ठान के साथ सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और जनआस्था का प्रतीक है। इसमें शामिल होने के लिए देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु प्रतिदिन दशाश्वमेध घाट पहुंचते हैं। बाढ़ की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी गंगोत्री सेवा समिति ने वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से आरती की परंपरा जारी रखी।

अब आरती के पारंपरिक स्थल पर लौटने से श्रद्धालुओं और काशीवासियों में उत्साह है। यह वापसी मां गंगा के प्रति आस्था और काशी की सांस्कृतिक विरासत की निरंतरता का प्रतीक मानी जा रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें