बनारस के चौकाघाट फ्लाईओवर हादसे में गिरफ्तार सेतु निगम के निलंबित चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर हरिश्चंद्र तिवारी, पूर्व चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर गेंदालाल, प्रोजेक्ट मैनेजर कुलजस राय सूदन, एई राजेंद्र सिंह व राम तपस्या सिंह यादव, जेई लालचंद सिंह व राजेश पाल सिंह और ठेकेदार साहब हुसैन की जमानत अर्जी सोमवार को सुनवाई हुई। इसके बाद अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम नरेंद्र बहादुर यादव की अदालत ने जमानत खारिज कर दी।
आठों आरोपियों को निर्माणाधीन चौकाघाट फ्लाईओेवर की दो बीम गिरने से हुई 15 लोगों की मौत के मामले में 28 जुलाई को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया था। अदालत ने जमानत अर्जी खारिज करते हुए कहा कि आरोपियों ने अपेक्षित सावधानी न बरत कर अपने दायित्व का लोप करते हुए इस घटना को कारित होने से रोकने का प्रयत्न नहीं किया।
जन सामान्य के जानमाल की क्षति का ज्ञान होते हुए भी बिना सुरक्षा उपाय अपनाए निर्माण कार्य जारी रखा। ऐसे में जनहानि को देखते हुए गंभीर प्रकृति का अपराध कारित किया गया, जिसकी वजह से जन सामान्य का जीवन खतरे में ही नहीं पड़ा, बल्कि कई लोगों ने अपनी जान देकर लापरवाही की कीमत चुकाई। कोर्ट में जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी मुन्ना लाल यादव ने आरोपियों की जमानत का विरोध किया।
इस दौरान मामले के विवेचक दिलीप कुमार सिंह भी मौजूद रहे। कोर्ट ने इस मामले में जिला पुलिस और प्रशासन की भी भूमिका प्रथम दृष्टया परिलक्षित होने की बात कही, लेकिन कहा कि इस स्तर पर टिप्पणी से विवेचना प्रभावित होगी।
विवेचक द्वारा साक्ष्य के आधार पर उन दोषियों को आरोपी बनाया जाना है, जिनके खिलाफ सुसंगत साक्ष्य उपलब्ध है। बता दें कि बीते 15 मई की शाम पांच बजे के लगभग रेलवे की एईएन कॉलोनी के सामने निर्माणाधीन चौकाघाट फ्लाईओवर की दो बीम गिरने से 15 लोगों की मौत हो गई थी और 11 लोग घायल हो गए थे।