टीकाकरण केंद्रों पर बढ़ी सतर्कता, लोग खुद भी पूछ रहे सवाल
नकली वैक्सीन, कोरोना किट बनाने के कारोबार के भंडाफोड़ के बाद अब टीकाकरण केंद्रों पर पहले की अपेक्षा अधिक सतर्कता बरती जा रही है। इधर घटना के बाद टीकाकरण केंद्र पर टीका लगवाने वाले भी खुद ही वैक्सीन और किट के बारे में जानकारी हासिल कर रहे हैं।
कोरोना टीकाकरण की अगर बात करें तो जिले में 18 साल से 60 साल और उससे ऊपर के आयु वालों को पहली डोज शत प्रतिशत लगाई जा चुकी है, जबकि दूसरी डोज का टीका लगाया जा रहा है। इसके साथ ही जिले में 85 प्रतिशत के ऊपर किशोरों को भी टीका लगाया जा चुका है।
सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी का कहना है कि सरकारी अस्पताल में जो वैक्सीन लोगों को लगाई जा रही है, उस पर निर्माता कंपनी की ओर से जो बैच नंबर डाला जाता है, उसका नंबर पोर्टल पर भी दर्ज रहता है, इसलिए इसकी ऑनलाइन निगरानी भी होती रहती है।
कली कोविड वैक्सीन और कोविड टेस्ट किट बिक्री के मामले में नई दिल्ली में सात आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ की दो टीमों में डेरा डाल दिया है। वहीं एसटीएफ वाराणसी फील्ड यूनिट की एक टीम वाराणसी के दवा और लैब से जुड़े कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
सूत्रों के अनुसार बड़े पैमाने पर काम करके वालों तक एसटीएफ की टीमें पहुंच गई है। एसटीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार जांच के दायरे में कुछ लोग आए हैं, उनसे पूछताछ की जा रही है। यह भी रिकॉर्ड और फोन, व्हाट्सएप चैट को खंगालते हुए कुछ और लोग भी गिरफ्त में आएंगे। अस्सी स्थित प्रिंटिंग प्रेस संचालक और उसके कर्मचारियों से भी पूछताछ चली है। सभी को जांच में सहयोग के लिए कहा गया है।