डाक्टर वाचस्पति त्रिपाठी, बाबा रामदेव
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आंवले के जूस की गुणवत्ता पर घिरे योग गुरु बाबा रामदेव अब एक नई मुसीबत में घिरते नजर आ रहे हैं। बनारस के विशेषज्ञ ने दावा किया है कि उनकी खोज को बाबा रामदेव अपना बता रहे हैं।
समृद्ध भारत न्यास के प्रधान न्यासी डॉ. वाचस्पति त्रिपाठी ने कहा कि बाबा रामदेव द्वारा बैल चालित संयंत्र को खुद का मौलिक कार्य बताने का दावा गलत है। उनका कहना है कि बैल से बिजली उत्पन्न करने का संयंत्र उन्होंने ईजाद किया। ये उनका मौलिक कार्य है न कि बाबा रामदेव का और बालकृष्ण का।
गुरुवार को अपने आवास पर प्रेसवार्ता कर उन्होंने बताया कि बुल पावर उत्पादन तकनीक उन्होंने विकसित की है और इसका पेटेंट भी दो साल पहले ही दाखिल कर रखा है। इस संयंत्र का उद्घाटन 29 जून, 2016 को केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने किया था।
डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि बाबा रामदेव पिछले कुछ दिनों से कह रहे हैं कि दिन में बैलों से खेत जुतवाएंगे और रात में उनकी शक्ति से बिजली पैदा करेंगे जबकि समृद्ध भारत न्यास ने इस पर चार साल पहले ही काम किया है। 14 मई, 2015 को इसका पेटेंट दाखिल किया और साल भर बाद इस संयंत्र को शुरू भी कर दिया गया।
हाल ही में उन्होंने मुख्यमंत्री समेत 18 मंत्रालयों को पत्र लिखा जिसमें गो संवर्धन व संरक्षण के लिए उनके बैल चालित संयंत्र को प्रदेश में उपयोग करने व गोसंवर्धन अधिनियम बनाने के लिए निवेदन किया है। उन्होंने कहा कि इस तकनीक पर कानूनी अधिकार उनका है न कि बाबा रामदेव का।