नामांकन पत्रों की वापसी के बाद वाराणसी में चुनावी रंग चटख होने लगे हैं। आपसी मतभेदों को दरकिनार कर दोनों गठबंधन अपने-अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए एकजुटता जाहिर कर रहे हैं।
दोनों की कोशिश है कि आठ मार्च से पहले तक चुनाव के हर तौर-तरीके को अपना लिया जाए, मजबूती का संदेश दिया जाए ताकि मतदाता उनके ही गठबंधन के उम्मीदवारों के अलावा और किसी दल के प्रत्याशी के बारे में सोच भी न सकें।
भाजपा-अद (एस) और भासपा के जिलाध्यक्षों ने दावा किया है कि वे मिलकर काम कर रहे हैं। उनके कार्यकर्ताओं में भी बेहतर तालमेल है। मंगलवार को घौसाबाद चौका घाट स्थित सनराइज बिल्डिंग में खुले भाजपा के मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेसवार्ता में भाजपा जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, अपना दल (एस) जिलाध्यक्ष डॉ. नरेंद्र सिंह पटेल और भासपा जिलाध्यक्ष रमेश राजभर ने संयुक्त रूप से अपनी बात रखी।
तीनों दलों के नेताओं ने कहा कि आपसी मतभेद भुलाकर सभी पदाधिकारियों ने काम शुरू कर दिया है। हम सभी गठबंधन के सशक्त सहयोगी बनकर एक दूसरे की मदद कर रहे हैं।
पार्टी में बिखराव के सवाल पर तीनों नेताओं ने एक स्वर में कहा कि असंतुष्टों को मना लिया गया है। अब जनता को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की उपलब्धियां और प्रदेश की सपा सरकार की नाकामियां बताई जा रही हैं।