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Education News: आईआईटी बीएचयू में एआई इंजीनियरिंग के लिए उद्योगों के साथ सहयोग, पढ़ें- शिक्षा से जुड़ी खबरें

Sat, 20 Dec 2025 03:41 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: आईआईटी बीएचयू में एआई इंजीनियरिंग और ट्रांसलेशनल रिसर्च के लिए उद्योगों के साथ सहयोग पर सहमति बनी। आईआईटी बीएचयू में 12वां आईईईई उत्तर प्रदेश सेक्शन अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन होगा। 13वां संस्करण आईआईटी कानपुर में होगा। 
 
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BHU - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आईआईटी बीएचयू में 12वां आईईईई उत्तर प्रदेश सेक्शन अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन हुआ। इसमें एआई इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग रिसर्च और ट्रांसलेशनल रिसर्च बढ़ाने के लिए 10 से ज्यादा उद्योगों के साथ सहयोग और समझौते पर सहमति बनी। आईआईटी के वैज्ञानिक और आंत्रप्रेन्योर मिलकर इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और कंप्यूटर इंजीनियरिंग में उभरती चुनौतियों का समाधान करेंगे।

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तीन दिवसीय सम्मेलन में देश–विदेश से प्रतिष्ठित शिक्षाविद्, उद्योग जगत के नेता, नीति-निर्माता, शोधकर्ता और युवा पेशेवर शामिल हुए। एडवांस इलेक्ट्रिक एंड एनर्जी सिस्टम, पाॅवर इलेक्ट्रॉनिक्स, नियंत्रण और ऑटोमेशन, एआई, सिग्नल प्रोसेसिंग और नेक्स्ट जनरेशन की कंप्यूटिंग तकनीक पर नए आइडिया को एक्सचेंज करने के लिए यूपीकॉन मंच तैयार किया गया। आईईईई यूपीकॉन 2026 के अगला 13वां संस्करण आईआईटी कानपुर में किया जाएगा।

निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने कहा कि ऐसे सम्मेलनों के चलते सक्षम इंजीनियरों का निर्माण होता है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए उद्योग और अकादमिक संस्थानों के बीच सहयोग को ज्यादा मजबूत किया जाना चाहिए। सतत सहयोग, मार्गदर्शन और औद्योगिक चुनौतियों से परिचय होना जरूरी है। डॉ. शंकर वेणुगोपाल ने टेक्नोलॉजी-आधारित इनोवेशन और नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर के प्रो. अक्षय कुमार राठौर ने उच्च दक्षता वाले पावर इलेक्ट्रॉनिक कन्वर्टर्स पर अपनी बात रखी।

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बीएचयू की एमडी परीक्षा में 40 मिनट देर से मिले प्रश्न पत्र

बीएचयू में एनईपी के तहत शुरू हुई एमडी (मल्टी डिसीप्लिनरी) परीक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। विभाग में एक ही समय में 50 से ज्यादा पेपर में लगातार तीसरी बार देरी होने की अनियमितता पाई गई है। परीक्षा का समय दोपहर 1:30 बजे से 4:00 तक निर्धारित है लेकिन विभागों में करीब 40 मिनट लेट 2:10 बजे प्रश्न पत्र ही पहुंचे। इससे परीक्षार्थियों से लेकर कक्ष निरीक्षक और सेंटर सुपरिटेंडेंट भी परेशान हो उठे हैं। एक शिक्षक ने बताया कि लगातार तीन सेमेस्टर से परीक्षा नियंता कार्यालय से प्रश्न पत्र देरी में पहुंच रहा है। 

संस्कृत विवि में 30 तक भर सकते हैं परीक्षा फॉर्म
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालयों में शास्त्री और आचार्य प्रथम सेमेस्टर में परीक्षा आवेदन पत्र की तारीख को बढ़ा दिया है। छात्र समर्थ पोर्टल के माध्यम से 30 दिसंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह जानकारी परीक्षा नियंत्रक दिनेश कुमार ने दी।  

आईआईटी बीएचयू को राजभाषा हिंदी में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मान
आईआईटी बीएचयू को राजभाषा हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन और उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। शुक्रवार को यह सम्मान बनारस रेल इंजन कारखाना की ओर से आयोजित बैठक में दिया गया। परिसर के प्राविधिक प्रशिक्षण केंद्र के प्रेक्षागृह में बरेका की नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति ये सम्मान दिया गया। निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने कहा कि राजभाषा हिंदी न केवल हमारी संवैधानिक पहचान है, बल्कि यह प्रशासन, शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में अपने आप को सामने रखने का सबसे सशक्त माध्यम भी है। आईआईटी बीएचयू में हिंदी के प्रयोग और प्रसार को मजबूत करने के लिए किए जा रहे सामूहिक प्रयासों को यह सम्मान नई ऊर्जा और प्रेरणा देगा। इस दौरान कुलसचिव सुमित कुमार बिस्वास, उप कुलसचिव (राजभाषा) डॉ. अमित कुमार सिंह और वरिष्ठ अनुवादक शशांक पाठक ने मंच पर शील्ड और प्रशस्ति पत्र लिया।  

राज्य स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में वाराणसी मंडल विजेता

पीएम श्री राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज में राज्य स्तरीय 53वीं बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी-2025 का समापन शुक्रवार को हुआ। इसमें विद्यालय के दो छात्रों और दो शिक्षकों ने भी राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त किए। इनमें कक्षा-12 से आयुष राज जायसवाल और कक्षा-11 के प्रिंस पांडेय ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, विद्यालय के गणित प्रवक्ता वेद प्रकाश राय ने तृतीय और भूगोल प्रवक्ता डॉ. विजय भारतीय सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।

राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में प्रदेश के 18 मंडलों में जूनियर वर्ग में वाराणसी मंडल प्रथम रहा। वहीं, बरेली मंडल दूसरे और आगरा मंडल तीसरे स्थान पर रहा। ऐसे ही सीनियर वर्ग में भी वाराणसी मंडल प्रथम, प्रयागराज दूसरे और बरेली तीसरे स्थान पर रहा। वहीं, अध्यापक संवर्ग में मेरठ मंडल ने पहला स्थान पाया। वाराणसी को दूसरा और आगरा को तीसरा स्थान मिला। मुख्य अतिथि राज्य विज्ञान शिक्षा संस्थान प्रयागराज के निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी ने कहा कि प्राणी जगत में मनुष्य ही ऐसा प्राणी है जिसमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण होता है। हम सबका दायित्व है कि हम छात्रों को उनकी क्षमता के अनुरूप मार्गदर्शन प्रदान करें।

शिक्षा निदेशक वाराणसी मंडल दिनेश सिंह ने कहा कि वैज्ञानिक चेतना सुव्यवस्थित जीवन का अनिवार्य तत्व है। विद्यार्थियों और शिक्षकों को नवाचार के लिए प्रेरित करना चाहिए। प्रधानाचार्य सुमीत कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि राज्य स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में वाराणसी और खास कर मेरे कॉलेज के छात्रों का प्रथम आना सौभाग्य का विषय है। इस मौके पर जिला विद्यालय निरीक्षक भोलेंद्र प्रताप सिंह, उप प्रधानाचार्य डॉ. बृजेश कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।

एआईएलईटी में 19वीं रैंक लेकर यूपी टॉपर बनीं आयुषी
ऑल इंडिया लॉ एंट्रेंस टेस्ट (एआईएलईटी) में 19वीं रैंक लेकर काशी की आयुषी ने यूपी टॉप कर लिया है। आयुषी अब दिल्ली के नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से एलएलबी करेंगी। 120 सीट के लिए 25 हजार अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। इस सफलता का श्रेय आयुषी ने अपने माता-पिता और गुरुओं को दिया है। रिजल्ट आने के दौरान आयुषी ने माता-पिता के साथ जश्न का एक वीडियो भी बनाया और सोशल मीडिया पर साझा किया।   

अपराजिता में 130 लड़कियों ने सीखे आत्मरक्षा के गुर
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज चोलापुर में शुक्रवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत 130 लड़कियों ने आत्मरक्षा का गुर सीखा। आत्मरक्षा का प्रशिक्षण मानव एकेडमी ऑफ मार्शल आर्ट्स के प्रशिक्षकों ने दिया।

मानव एकेडमी ऑफ मार्शल आर्ट्स की सीनियर प्रशिक्षक सेंसई ज्योति सिंह के नेतृत्व में छात्राओं को कराटे के माध्यम से बेसिक किक पंच, ब्लॉक के साथ-साथ आत्मरक्षा की बेसिक तकनीकी का अभ्यास कराया गया। ब्लैक बेल्ट प्रशिक्षक कशिश पटेल, खुशी कुमारी, साक्षी तिवारी, पूजा विश्वकर्मा आदि ने छात्राओं से विपरीत परिस्थितियों में मानव शरीर के कमजोर भाग पर प्रहार करके खुद को बचाने की तकनीकी का अभ्यास कराया। सेंसई ज्योति सिंह ने बताया कि मार्शल आर्ट्स के अभ्यास से हम किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार हो जाते हैं। हमारे अंदर हिम्मत आती है। आत्मविश्वास पैदा होता है। प्रधानाचार्य डॉ. अनिता गिरी ने कहा कि अपराजिता जैसे कार्यक्रम लड़कियों व महिलाओं में आत्मविश्वास पैदा करने के लिए बहुत जरूरी हैं। शहर से ज्यादा गांव में इसके प्रशिक्षण की जरूरत है। इस अवसर पर स्कूल की स्पोर्ट्स टीचर अनुरमा शास्त्री आदि मौजूद रहीं।
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आयुर्वेद में अंतरविषयक समन्वय और परिणाम आधारित अनुसंधान जरूरी

आईएमएस बीएचयू के आयुर्वेद संकाय में आयोजित तीन दिवसीय ट्रांसफाॅर्मिंग ग्लोबल हेल्थ विषयक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में वक्ताओं ने आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति पर चर्चा की। मुख्य अतिथि आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने कहा कि आयुर्वेद में अंतरविषयक समन्वय और परिणाम आधारित अनुसंधान जरूरी है।

कटिंग-एज रिसर्च इन आयुर्वेद : ट्रांसफॉर्मिंग ग्लोबल हेल्थ (आईसीसीआरए-2025) के समापन समारोह में प्रो. संखवार ने कहा कि आयुर्वेद को वैज्ञानिक प्रमाणीकरण के माध्यम से आगे बढ़ाना होगा। विशिष्ट अतिथि प्रो. संजय कुमार गुप्ता ने आयुर्वेद एवं आधुनिक चिकित्सा के बीच सशक्त साक्ष्य-आधारित सहयोग पर अपनी बात रखी। जीवक आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, रिसर्च सेंटर, अकौनी के निदेशक डॉ. सुनील गौतम ने युवा शोधकर्ताओं को शास्त्रीय आयुर्वेदिक ज्ञान को वैज्ञानिक पद्धति से सुदृढ़ करने के लिए प्रेरित किया। अध्यक्षता करते हुए प्रो. पीके गाेस्वामी ने कहा कि आयुर्वेद में अनुसंधान संस्कृति, वैश्विक सहयोग और नीति-उपयोगी निष्कर्षों को सुदृढ़ करना जरूरी है। प्रो. बीएम सिंह ने बताया कि 100 से अधिक शोध पत्र सम्मेलन में प्रस्तुत किए गए। संचालन डॉ. वैभव जायसवाल व डॉ. प्रीति चौहान ने किया। इस दौरान बेस्ट पेपर अवार्ड, यंग रिसर्चर अवाॅर्ड, प्रशस्ति पत्र एवं एक्सीलेंस अवाॅर्ड्स भी दिया गया। स्वागत प्रो. केएन मूर्ति और धन्यवाद डॉ. एके द्विवेदी ने किया।  

सीखने की गुणवत्ता में सुधार के लिए समय पर फीडबैक जरूरी
अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केंद्र (आईयूसीटीई) में चल रहे अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में सीखने की प्रवृत्ति पर चर्चा की गई। आईयूसीटीई के सहायक आचार्य डॉ. राजा पाठक ने कहा कि सीखने की गुणवत्ता में सुधार के लिए समय पर फीडबैक, सटीक अवलोकन जरूरी है। उन्होंने कहा कि डिजिटल परिवेश में सूक्ष्म अधिगम व्यवहारों को पहचानने की जरूरत है। उन्होंने शिक्षकों से डिजिटल कक्षाओं में संवेदनशील और अर्थपूर्ण फीडबैक तंत्र अपनाने का आह्वान किया। डॉ. दीप्ति गुप्ता ने कहा कि सतत और बहुआयामी मूल्यांकन से शिक्षार्थियों के विकास को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है। कार्यक्रम में श्रीलंका, बेलारूस, कम्बोडिया, घाना, कजाकिस्तान, केन्या, मोरक्को, म्यांमार, नामीबिया, नेपाल, रूस सहित 24 देशों के 40 शिक्षक प्रशिक्षण ले रहे हैं। इस दौरान प्रो. आशीष श्रीवास्तव, डॉ. सुनील कुमार त्रिपाठी आदि मौजूद रहे। 

170 विद्यार्थियों ने देखी आईआईवीआर में शोध की पद्धतियां, कृषि शिक्षा में दिखाई रुचि
कृषि शिक्षा को अनुसंधान से जोड़ने अभियान के तहत शुक्रवार को भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (आईआईवीआर) में संत अतुलानंद कॉन्वेंट स्कूल के 170 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भ्रमण किया। उनको वास्तविक शोध परिवेश से सीधे रूबरू कराने, सब्जी उत्पादन की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराने, उनमें वैज्ञानिक जिज्ञासा एवं अनुसंधान के प्रति रुचि जगाने पर जोर दिया गया। विद्यार्थियों ने संस्थान की अत्याधुनिक सुविधाओं, अनुसंधान प्रयोगशालाओं, सीड बैंक एवं प्रसंस्करण इकाई, प्रायोगिक खेतों, जैविक कृषि मॉडलों को देखा। साथ ही वरिष्ठ वैज्ञानिकों के साथ सीधा संवाद किया। 
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