वाराणसी के डीजल रेल इंजन कारखाने में पहली बार एल्को श्रेणी में तीन हजार अश्वशक्ति क्षमता के रेल इंजनों का उत्पादन किया जा रहा है। पड़ोसी देश श्रीलंका को ऐसे 10 इंजनों की आपूर्ति का आदेश डीरेका को मिला है। 4500 हाई हार्स पावर डीजल इंजन के प्लेटफार्म पर इस इंजन को बनाया जा रहा है।
इससे पहले डीरेका में एल्को श्रेणी के अंतर्गत 2350 हार्स पावर तक के ही रेल इंजन बनाए जाते रहे हैं। यह पहली बार है जब तीन हजार हार्स पावर क्षमता का रेल इंजन बनाया जा रहा है। श्रीलंका की जरूरत को ध्यान में रखकर डीरेका ने इस उन्नत श्रेणी के रेल इंजन का उत्पादन शुरू किया है। क्रमवार इन इंजनों का उत्पादन कर इन्हें श्रीलंका भेजा जाएगा।
पहले सड़क और फिर जलपोत से इन्हें भेजा जाता है। बता दें कि डीरेका में पुराने दो डीजल रेल इंजनों को जोड़कर उनकी क्षमता वृद्धि कर 12 हजार अश्व शक्ति क्षमता का बिजली चालित रेल इंजन तैयार किया जा रहा है। छह हजार क्षमता का एक रेल इंजन बन गया है। उपमहाप्रबंधक डीरेका नितिन मेहरोत्रा ने बताया कि एल्को श्रेणी में पहली बार 3000 एचपी क्षमता के रेल इंजन का उत्पादन किया जा रहा रहा है।