वाराणसी जिला अस्पताल में एमआरआई जांच के लिए परिसर में एमआरआई भवन तो बना है, लेकिन यहां जांच नहीं हो पा रही है। 96.81 लाख की लागत से बनने वाले इस भवन पर पांच साल से ताला लटक रहा है। बाहरी दीवार पर सीलन लग गई है, प्लास्टर भी टूटकर गिर रहे हैं। इससे मरीजों को महंगी फीस जमा कर बाहर जांच करानी पड़ रही है। जहां तीन से पांच हजार रुपये देने पड़ते हैं।
सरकारी अस्पतालों में 96.81 लाख की लागत से 12 जून 2018 में एमआरआई भवन का निर्माण शुरू हुआ। शासन स्तर पर उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लिमिटेड लखनऊ को निर्माण की जिम्मेदारी दी गई। 12 मार्च 2019 को इसका निर्माण पूरा हो गया। अस्पताल परिसर में सीटी स्कैन सेंटर के पास एमआरआई भवन को इसलिए बनवाया गया ताकि मरीजों को जांच के लिए भटकना न पड़े। सूत्रों की माने तो एमआरआई जांच के लिए कुछ जरूरी उपकरण भी मंगाए गए, लेकिन भवन बनने के बाद से ही उस पर ताला लटक रहा है।