‘वीडीए यथार्थ ऑनलाइन मानीटरिंग’ (व्योम) साफ्टवेयर लांच करते हुए विकास प्राधिकरण ने अपने यहां पेंडिंग मुकदमों का ब्यौरा ऑनलाइन कर दिया है। मुकदमों के निस्तारण, मॉनीटरिंग और कार्रवाई की अद्यतन स्थिति हर हफ्ते अपडेट करने की विभागीय अभियंताओं की जिम्मेदारी भी तय कर दी है।
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ब्यौरे की जानकारी के लिए वीडीए की वेबसाइट vdavns.org पर जाकर बाईं तरफ ब्लिंक करने वाले ‘व्योम’ का टैग क्लिक करना होगा। उसके बाद ‘जोन’ और ‘वार्ड’ का चयन कर अपने मुकदमे में वीडीए की कार्रवाई की अद्यतन स्थिति जानी जा सकेगी।
मौजूदा समय वीडीए में 90 हजार मुकदमे पेंडिंग हैं। जनता की सहूलियत के लिए जल्द ही वीडीए अपना ऐप भी लांच करेगा। वीडीए उपाध्यक्ष पुलकित खरे की पहल पर मुकदमों की ऑनलाइन मॉनीटरिंग की व्यवस्था शुरू करने वाला यह प्रदेश का पहला विकास प्राधिकरण है।
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इससे न सिर्फ विभाग की पेंडिंग मुकदमों/शिकायतों के निबटारे में तेजी आएगी बल्कि जनता को भी कार्रवाई की जानकारी के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे।
बुधवार को वीडीए यथार्थ ऑनलाइन मानीटरिंग (व्योम) साफ्टवेयर लांच करते हुए वीडीए वीसी ने कहा कि मुकदमों के निस्तारण में पारदर्शिता और तेजी आएगी। लापरवाही करने वाले जोनल अधिकारियों का वेतन रोका जाएगा।
माैजूदा समय वीडीए में 89872 प्रवर्तन के मुकदमे/शिकायतें पेंडिंग हैं। हर हफ्ते की कार्रवाई को अवर अभियंता अपडेट करेंगे। उसकी मॉनीटरिंग जोनल अधिकारी करेंगे।
उसके बाद वीडीए वीसी और सचिव के स्तर से इसकी पड़ताल होगी। इस साफ्टवेयर को तैयार करने वाले कंप्यूटर प्रोग्रामर दिनेश, संदीप को वीसी ने सराहना की।
40 साल पुराने मुकदमे अब तक पेंडिंग
वीडीए उपाध्यक्ष पुलकित खरे
- फोटो : अमर उजाला
व्योम साफ्टवेयर से जोनल अधिकारियों की सैलरी भी अटैच्ड की गई है। इसका उद्देश्य है कि जोनल अधिकारी यदि अपने-अपने जोन में हुई कार्रवाई और शिकायतों के निस्तारण में रुचि नहीं दिखाते हैं और साफ्टवेयर पर अपडेट नहीं करते हैं तो उनका वेतन खाते में नहीं जाएगा।
वीसी ने कहा कि अफसरों की लापरवाही से वीडीए में इतने मामले लंबित हैं। समय पर इनका निस्तारण नहीं किया गया। 1978 के मामले अब तक पेंडिंग हैं। 40 साल पुराने मामलों का अब तक निबटारा न होना आश्चर्यजनक है।
बताया कि व्योम (वीडीए यथार्थ ऑनलाइन मानीटरिंग) पर वीडीए के गठन यानी 1973 से लेकर अब तक के मुकदमों का पूरा विवरण अपलोड किया गया है।
मोहनसराय से अलीनगर तक हाईवे किनारे (एनएच-2) पर अवैध कॉलोनियां बसाने, प्लाटिंग करने और वीडीए के तय प्रावधानों की खुलेआम अनदेखी करने वाले डेवलपर्स के खिलाफ स्थानीय स्तर पर कार्रवाई के बाद सभी की सूची सीएम कार्यालय को भेज दी गई है।
वीडीए वीसी ने बताया कि ऐसे सभी छोटे-बड़े डेवलपर्स को ब्लैकलिस्टेड करने की संस्तुति की गई है। वीडीए वीसी की संस्तुति के बाद अब माना जा रहा है कि शासन स्तर से जल्द कड़ी कारवाई हो सकती है।
वीडीए वीसी पुलकित खरे ने बताया कि इनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने के बाद उसकी पूरी जानकारी शासन को दी गई थी। अब पूरी सूची मुख्यमंत्री के सचिव, विशेष सचिव, प्रमुख सचिव प्राधिकरण और आर्थिक अपराध अनुसंधान (ईओडब्ल्यू) को सौंपी गई है।
शासन से ऐसे डेवलपर्स को ब्लैक लिस्टेड करने की संस्तुति की गई है। वहां से निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वीसी ने बताया कि पांडेयपुर में अवैध ढंग से कब्जा करने वालों केे खिलाफ अभियान चलाया गया। जल्द ही शहर के अन्य हिस्सों ऐसी कॅालोनियों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
वरुणा कॉरिडोर पर सितंबर के बाद कार्रवाई
वीडीए वीसी पुलकित खरे ने बताया कि वरुणा कॉरिडोर में आ रही दिक्कतों के मद्देनजर डूब क्षेत्र में कराए गए अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
सिंचाई विभाग से इस बारे में अब तक हुई कार्रवाई और दिक्कतों के बारे में जानकारी ली जा रही है। साथ ही, वीडीए की ओर से की गई कार्रवाई को भी देखा जा रहा है। सितंबर के बाद नए सिरे से कार्रवाई शुरू की जाएगी।