अवैध निर्माण को गिरवाते वीडीए के अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
गत 27 सालों में वीडीए के नकारेपन से शहर में 500 अवैध कॉलोनियों के आबाद होने का सनसनीखेज खुलासा करने से कुछ घंटों पहले विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पुलकित खरे ने ऐसे डेवलपर्स पर बड़ी कार्रवाई की।
मुगलसराय से अलीनगर एनएच-दो पर 14 डेवलपर्स के कार्यालय जेसीबी से ध्वस्त करा दिए गए। दस्तावेज जब्त करने के साथ ही उन्हें नोटिस जारी कर दिया गया। साथ ही, उनके विरुद्ध रामनगर और अलीनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।
बिना नक्शा और लेआउट पास कराए अवैध तरीके से कॉलोनियां विकसित करने पर वीडीए की इस कार्रवाई से रियल इस्टेट सेक्टर में हड़कंप मच गया है। सुबह एनएच-टू पर ग्रीन बेल्ट में बने डेवलपर्स के कार्यालयों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बाद अपने कार्यालय में मीडिया से मुखातिब वीडीए वीसी ने खुलासा किया कि 1990 के बाद किसी डेवलपर्स ने वीडीए से कॉलोनी का ले आउट पास नहीं कराया है जबकि इस दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में 500 अवैध कॉलोनियां आबाद हो गईं।
इतनी बड़ी संख्या में अवैध कॉलोनियां खड़ी होने के पीछे विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से कतई इंकार नहीं किया जा सकता। ऐसे सभी अधिकारियों, कर्मचारियों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। उन्हें चिह्नित कर कार्रवाई के लिए शासन को लिखा जाएगा। सभी जोनल अधिकारियों, अवर अभियंताओं, अधिशासी अभियंताओं के कार्यक्षेत्र तत्काल प्रभाव से बदल दिए गए हैं।
वीडीए ने इन पर की कार्रवाई
कागजात देखते अधिकारी
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पवन विहार-जिवधीपुर, देवास विहार, सृष्टि नगर, बांके बिहारी ग्रीन सिटी, काशी ग्रीन सिटी-सिंधीताली, मां अन्नपूर्णा नगर कालोनी, जीएन इंक्लेव-कमलापुर, चंदौली, ए एनएस ग्रुप-चंदौली, रायल इंक्लेव, श्रीलक्ष्मी विहार कालोनी, शिव विहार कालेनी, शाइन सिटी-गोधना बाईपास, साई सिटी इंफ्रॅास्ट्रक्चर प्रा लि चंद्ररखा आशियाना चंदौली और एस एंड ए इंफ्राहिल प्रा लि शामिल है।
ईओडब्ल्यू से भी लेंगे सलाह
वीडीए वीसी पुलकित खरे ने बताया कि अवैध ढंग से कालोनियों को विकसित करने और रुपयों के खेल तंत्र की पड़ताल के लिए आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (ईओडब्ल्यू) के अधिकारियों से भी संपर्क किया जाएगा। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र और राजस्थान में इस तरह की कालोनियों के निर्माण पर बड़ी कार्रवाई हुई है। यहां भी सलाह और सुझाव लेकर कार्रवाई की जाएगी।
जनता के लिए खुलेगी हेल्पडेस्क
वीडीए वीसी ने जनता से अपील की है कि मकान बनाने के लिए प्लाट खरीदने से पहले उसकी पूरी सच्चाई जान लें। वीडीए से भी जानकारी ले सकते हैं कि वह कॉलोनी एप्रूव्ड है या नहीं। वीडीए में उसका रजिस्ट्रेशन कराया गया है या नहीं। इसके लिए वीडीए में जल्द ही एक हेल्पडेस्क स्थापित की जाएगी। अवैध कॉलोनियों पर लगाम लगाने के लिए इस तरह की कार्रवाई अब हर हफ्ते की जाएगी। अवैध कॉलोनी बनाने वालाें को बख्शा नहीं जाएगा।