देव दीपावली से पहले महादेव की नगरी काशी देवों के स्वागत को तैयार हो रही है। मान्यता है कि इस भव्य दीपोत्सव को देखने के लिए खुद देवता स्वर्ग से धरती पर आते हैं। देव दीपावली के अवसर पर काशी के 84 घाट के अलावा कुंड, तालाबों सहित 221 से अधिक स्थानों पर कुल 21 लाख दीप एक साथ जलाए जाएंगे। हालांकि, कई गंगा घाटों पर तैयारियां अब भी पूरी नहीं हो पाई हैं।
झांकी में दिखेगी नारी सशक्तीकरण की झलक
देव दीपावली पर घाटों पर कई तरह की झांकियां दिखेंगी। नारी सशक्तीकरण से लेकर नशामुक्ति तक। काशी को सहेजने में अहम योगदान देने वाली अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जंयती वर्ष पर तीन घाटों पर उनकी वीरगाथा की झांकी सजेगी। दीपों से रतन टाटा को श्रद्धांजलि भी दी जाएगी।
घाटों, कुंडों, तालाबों पर काशी की संस्थाओं की ओर से 21 लाख दीप जलाए जाएंगे। देव दीपावली एवं आरती महासमिति के अध्यक्ष आचार्य वागीश दत्त और उपाध्यक्ष पं. गंगाधर उपाध्याय ने बुधवार को बताया कि इस बार जाति पंथ अनेक, हम सनातनी एक की थीम पर देव दीपावली मनाई जाएगी। गंगा घाट, वरुणा, गोमती के तटों के अलावा कुंड, तालाबों सहित 221 से अधिक स्थानों पर कुल 21 लाख दीप जलाए जाएंगे। इसमें समिति से जुड़ी 70 से अधिक संस्थाएं 12 लाख दीप जलाएंगी। बाकी प्रशासन की ओर से जलाए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि सभी संस्थाएं घाटों की अलग-अलग थीम बनाकर दीप जलाएंगी। अहिल्याबाई, पंचगंगा व मणिकर्णिका घाट पर अहिल्याबाई होल्कर की झांकी सजाकर दीप जलाए जाएंगे। राजघाट सहित आसपास के घाटों पर गायत्री माता, नशा मुक्ति, नारी सशक्तीकरण आदि का संदेश दिया जाएगा। जबकि भोषले घाट पर दीप जलाकर रतन टाटा को श्रद्धांजलि दी जाएगी।
सतुआ बाबा को श्रद्धांजलि देने कल आएंगे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सतुआ बाबा को श्रद्धांजलि देने 15 नवंबर को बनारस आएंगे। वह जगद्गुरु विष्णुस्वामी संप्रदायाचार्य यमुनाचार्य महाराज की 12वीं पुण्यतिथि पर होने वाले आयोजन में शामिल होंगे। महामंडलेश्वर संतोष दास ने बताया कि बुधवार से रामचरितमानस पाठ आरंभ हो गया है। 14 को मानस पाठ का समापन होगा। 15 नवंबर को कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा को प्रात: छह बजे से 11 ब्राह्मण ललिता सहस्त्रनाम का पाठ करेंगे।
हवन के बाद नौ बजे से चार वेदों के 20 वैदिक विद्वान बसंत पूजा करेंगे। दोपहर में 12 काशी और देश भर से आए साधु संत, महामंडलेश्वर यमुनाचार्य को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन होगा। शाम को देव दीपावली का उत्सव होगा।