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Varanasi News: ज्ञानवापी में मुस्लिमों के प्रवेश पर रोक की मांग, शिवसेना ने शुरू की कार सेवा; होगा बड़ा आंदोलन

Fri, 07 Aug 2026 07:03 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: वाराणसी में शिवसेना (शिंदे गुट) ने मां शृंगार गौरी के नित्य दर्शन-पूजन की मांग को लेकर कार सेवा शुरू की। नेता अजय चौबे ने कहा कि 27 वर्षों से मांग लंबित है। उन्होंने सावन में ज्ञानवापी परिसर को लेकर भी मांग उठाई और चेतावनी दी कि विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा जनांदोलन किया जाएगा।
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जुलूस से पहले शिवसैनिक। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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UP News: वाराणसी में मां शृंगार गौरी के नित्य दर्शन-पूजन की मांग को लेकर शिवसेना (शिंदे गुट) ने कार सेवा की शुरुआत कर दी है। संगठन के नेता अजय चौबे ने कहा कि पिछले 27 वर्षों से इस मांग को लेकर लगातार संघर्ष किया जा रहा है, लेकिन अब तक शासन-प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांग पूरी नहीं हुई तो विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा जनांदोलन किया जाएगा।

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अमर उजाला से बातचीत में अजय चौबे ने कहा कि मां शृंगार गौरी के दर्शन के लिए जब भी आंदोलन किया जाता है, पुलिस प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लेती है। इसके बाद औपचारिक कार्रवाई कर मामला शांत करने का प्रयास किया जाता है, लेकिन मूल मांग आज भी अधूरी है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के तहत वर्ष में केवल एक दिन मां शृंगार गौरी के दर्शन की अनुमति दी जाती है। शिवसेना की मांग है कि श्रद्धालुओं को नियमित रूप से नित्य दर्शन-पूजन का अधिकार मिले। इसी मांग को लेकर कार सेवा शुरू की गई है, जिसमें महाराष्ट्र से आए संगठन के कार्यकर्ता भी शामिल हैं।

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वाराणसी में शिवसैनिक। - फोटो : संवाद
अजय चौबे ने कहा कि सावन के दौरान जिस प्रकार बड़ी संख्या में श्रद्धालु काशी आते हैं, उसी तरह उनकी मांग है कि पूरे सावन माह में मुस्लिम समाज के लोगों का ज्ञानवापी परिसर में प्रवेश प्रतिबंधित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह भी उनकी प्रमुख मांगों में शामिल है।

उन्होंने केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर भी उम्मीदों के अनुरूप कदम नहीं उठाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद यह उम्मीद जगी थी कि मां शृंगार गौरी के नित्य दर्शन-पूजन का रास्ता साफ होगा। काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के निर्माण के समय भी उन्हें उम्मीद थी कि मां शृंगार गौरी मंदिर के विकास की दिशा में भी ठोस पहल होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

अजय चौबे ने कहा कि उनकी धार्मिक आस्था की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि अब आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा तथा विधानसभा चुनाव से पहले बड़े स्तर पर जनांदोलन चलाकर अपनी मांगों को बुलंद किया जाएगा।
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