अजय चौबे ने कहा कि सावन के दौरान जिस प्रकार बड़ी संख्या में श्रद्धालु काशी आते हैं, उसी तरह उनकी मांग है कि पूरे सावन माह में मुस्लिम समाज के लोगों का ज्ञानवापी परिसर में प्रवेश प्रतिबंधित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह भी उनकी प्रमुख मांगों में शामिल है।
उन्होंने केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर भी उम्मीदों के अनुरूप कदम नहीं उठाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद यह उम्मीद जगी थी कि मां शृंगार गौरी के नित्य दर्शन-पूजन का रास्ता साफ होगा। काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के निर्माण के समय भी उन्हें उम्मीद थी कि मां शृंगार गौरी मंदिर के विकास की दिशा में भी ठोस पहल होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
अजय चौबे ने कहा कि उनकी धार्मिक आस्था की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि अब आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा तथा विधानसभा चुनाव से पहले बड़े स्तर पर जनांदोलन चलाकर अपनी मांगों को बुलंद किया जाएगा।