चार लाख 73 हजार रुपये के लालच में एमएससी पास भिटारी रोड लोहता निवासी अभिषेक जायसवाल और बीटेक पास राजातालाब निवासी सौरभ उर्फ लालू ने छह दोस्तों के साथ एक-एक कर तीन युवकों की हत्या करते चले गए। हालांकि आठ युवकों को 4.73 लाख में से सिर्फ 40 हजार रुपये ही मिले। दो लाख 48 हजार रुपये पुलिस ने बरामद कर लिए हैं। एक बैंक खाते में जमा 1.60 लाख रुपये फ्रीज करा दिया गए। जबकि 25 हजार रुपये इधर-उधर खर्च कर दिए गए।
पुलिस ने वारदात के मास्टर माइंड समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर गुरुवार को यह खुलासा किया। दो आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त दो बाइक, सुमित और राजू के शव को फेंकने में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार, बृजेश और सुमित का मोबाइल बरामद की हैं। 23 अक्तूबर 2019 को मंडुवाडीह थाने में लहरतारा बौलिया निवासी सुमित श्रीवास्तव की गुमशुदगी दर्ज की गई थी।
जांच में पुलिस को पता चला कि सुमित ने एक्सिस बैंक से 4.73 लाख रुपये लोन लिया था। सुमित के गायब होने के बाद भी उसके खाते से लेनदेन पड़ाव निवासी राजू और राजातालाब निवासी बृजेश विश्वकर्मा के खाते में हुआ। जांच चल ही रही थी कि नौ नवंबर 2019 को बृजेश का शव रोहनिया क्षेत्र में गंगा में बरामद हुआ। इसके बाद राजू की दिसंबर 2019 के पहले हफ्ते में हत्या कर दी गई। सुमित और राजू का शव अब तक बरामद नहीं हो सका है।
एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि एसपी ग्रामीण मार्तंड प्रकाश सिंह की देखरेख में सीओ सदर अभिषेक कुमार पांडेय को गुत्थी सुलझाने का जिम्मा सौंपा गया था। सर्विलांस, कॉल डिटेल, बैंक खातों में हुए लेनदेन और एटीएम में लगे सीसी कैमरों की फुटेज से मामला सुलझता चला गया। एसएसपी ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई कर गिरोह पुलिस डोजियर में रजिस्टर्ड किया जाएगा।
सुमित के लोन लेने की जानकारी उसके दोस्त और प्राइवेट बैंक कर्मी लहरतारा निवासी नीलकंठ उर्फ शिवम जायसवाल को थी। नीलकंठ ने अपने दोस्त भिटारी रोड लोहता निवासी एमएससी पास अभिषेक जायसवाल को इसकी जानकारी दी। अभिषेक ने पैसा हड़पने की योजना बनाई। उसे ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की ज्यादा जानकारी नहीं थी तो उसने राजातालाब निवासी रिश्तेदार बीटेक पास सौरभ उर्फ लालू से संपर्क किया। सौरभ ने बताया कि सुमित का मोबाइल, एटीएम कार्ड और आधार कार्ड मिल जाए तो काम हो जाएगा।
वहीं, सुमित बीमा पॉलिसी लेना चाहता था। नीलकंठ ने यह बात अभिषेक को बताई। अभिषेक ने नीलकंठ के जरिए सुमित को पॉलिसी दिलाने के बहाने अपने दोस्त कोरौता निवासी विकास पटेल उर्फ ओले के ट्यूबवेल पर बुलाया। 23 अक्तूबर 2019 को ट्यूबवेल पर अभिषेक अपने रिश्तेदार सौरभ, घमहापुर निवासी कार चालक रामविलास पटेल, कोरौता के शशिकांत उर्फ जवानी उर्फ विशाल व पंकज पटेल के साथ नीलकंठ व सुमित के आने का इंतजार कर रहा था। सुमित के आते ही अभिषेक ने उसका मोबाइल, एटीएम और आधार कार्ड छीन लिया।
इसके बाद गमछे से गला दबाकर हत्या कर दी। शव कार की डिक्की में रखकर रामविलास मिर्जापुर स्थित राजगढ़ के जंगल में फेंक आया। किसी को शक न हो इसलिए अभिषेक और सौरभ ने पुराने परिचित राजू और बृजेश के खाते में कुछ रुपये ट्रांसफर किए और कुछ एटीएम से निकाले। पांच हजार रुपये सुमित के भाई के खाते में ट्रांसफर किए, ताकि वह समझे कि उसका भाई जिंदा है। जब उन्हें पता लगा कि पुलिस बृजेश को खोज रही है तो भेद खुलने के डर से बृजेश की हत्या की योजना बनाई। अभिषेक और सौरभ ने इसमें राजातालाब निवासी सोनू मोदनवाल को शामिल किया। तीनों ने सात नवंबर को बृजेश को रोहनिया क्षेत्र में मौनी बाबा कुटिया के पास शराब पीने के लिए बुलाया।
फिर गमछे से गला दबा कर हत्या कर दी। शव को पत्थर से बांध कर गंगा में फेंक दिया। बृजेश की हत्या के बाद सुमित के खाते से उसके खाते में पैसा ट्रांसफर किया गया, ताकि पुलिस उलझी रहे। इसके बाद अभिषेक और सौरभ ने राजू को उसके खाते में ट्रांसफर किया गया पैसा देने के लिए बुलाया। राजू ने पैसा देने से मना किया और कहा कि वह सारी बात पुलिस को बता देगा। इसी बीच पत्नी से विवाद के कारण राजू को चंदौली के अलीनगर थाने की पुलिस ने बुलाया तो अभिषेक और सौरभ डर गए।
उधर, अन्य छह दोस्त अभिषेक और सौरभ पर पैसे के बंटवारे का दबाव बना रहे थे। सौरभ और अभिषेक ने सभी को समझाया कि यदि राजू की हत्या कर दी जाए तो पूरा पैसा मिल जाएगा। दिसंबर के पहले हफ्ते में राजू को शराब-मुर्गा की पार्टी के लिए विकास के ट्यूबवेल पर बुलाया गया और गमछे से गला दबाकर हत्या करने के बाद शव मिर्जापुर स्थित चुनार के जंगल में फेंक दिया गया। फिर सब शांत होकर अपने-अपने काम में लग गए। लॉकडाउन हुआ तो फिर दोस्तों के बीच पैसों को लेकर खींचतान हुई। मामला पूरी तरह से ठंडा पड़ा देख आठों दोस्त विकास के ट्यूबवेल पर बुधवार की रात पैसे के बंटवारे के लिए इकट्ठा हुए, जहां से अभिषेक सहित छह को गिरफ्तार कर लिया गया। सौरभ और सोनू अंधेरे में चकमा देकर भाग निकले।