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वाराणसी क्राइम ब्रांच ने 15 हजार के इनामी बदमाश प्रिंस को दबोचा

Sun, 01 Jul 2018 09:32 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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अभिषेक सिंह उर्फ प्रिंस (सफेद शर्ट में) - फोटो : twitter
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वाराणसी क्राइम ब्रांच और कैंट पुलिस की संयुक्त टीम ने रविवार को कैंट रेलवे स्टेशन के समीप से 15 हजार के इनामी बदमाश मकबूल आलम रोड निवासी अभिषेक सिंह उर्फ प्रिंस को धर दबोचा। प्रिंस के घर में अगस्त 2017 में भभुआ निवासी पिंकू अंसारी की हत्या की गई थी और इस वारदात में वो वांछित था।

अधिवक्ता प्रिंस के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट, गैंगेस्टर एक्ट सहित अन्य आरोपों में छह मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तार प्रिंस को अदालत में पेश कर पुलिस ने जेल भेज दिया।
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बीते पांच जून को क्राइम ब्रांच और कैंट पुलिस ने इनामी बदमाश सादिक खान और जावेद खान को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पता लगा कि अवैध असलहों की बिक्री के दो लाख रुपये के लेनदेन के विवाद में प्रिंस के घर पर पिंकू की हत्या की गई थी।

हत्या करने वालों में सादिक, जावेद, इमरान और प्रिंस शामिल थे। एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि रविवार की सुबह क्राइम ब्रांच प्रभारी और इंस्पेक्टर कैंट अपनी टीम के साथ  गश्त पर निकले थे।

इसी दौरान सूचना मिली कि वांछित प्रिंस कैंट रेलवे स्टेशन पर है तो घेरेबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। प्रिंस ने पुलिस को बताया कि वो इनाम घोषित होने के बाद से बिहार में छिप कर रह रहा था। घर आया था और वापसी के लिए ट्रेन पकड़ने कैंट जा रहा था। पुलिस को अब पिंकू की हत्या के मामले में इनामी इमरान की तलाश है।

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काली कोट की आड़ में काले कारनामे

क्राइम ब्रांच प्रभारी ने बताया कि प्रिंस 2014 से अवैध असलहे बिहार से लाकर बेच रहा है। उसके गिरोह में जेल में बंद सादिक, जावेद, कल्लू शर्मा, वीरू तिवारी और इमरान हैं। यह गिरोह अवैध असलहों की तस्करी के साथ ही भाड़े पर हत्या करता है।

मुंगेर के राजेश और चंदन से 13 से 15 हजार रुपये में अवैध पिस्टल खरीद कर प्रिंस उसे बनारस और आसपास के जिले में 30 हजार रुपये में बेचता था। प्रिंस पुलिस को प्रभाव में लेने के लिए हमेशा अधिवक्ता होने की धौंस देता था।

बनियापुर रजनहिया के भोली की हत्या की थी योजना
प्रिंस ने पूछताछ में बताया कि बनियापुर रजनहिया के बिहारी यादव उर्फ भोली यादव की हत्या करने की उसकी योजना थी। उसने एक जमीन का रजिस्टर्ड सट्टा कराया है और भोली उसमें अड़चन पैदा कर रहा है।

बस चालक भोली की हत्या के लिए वह उसके गिरोह के सदस्य एक जून को बनियापुर रजनहिया पुल के समीप इकट्ठा हुए थे लेकिन तभी पुलिस आ गई थी और सारी तैयारी धरी की धरी रह गई थी।
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