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Varanasi News : गोपाष्टमी... गायों को कराया पंचगव्य-पंचामृत से स्नान, 21 वैदिक और 111 बटुकों ने किया पूजन

Sun, 10 Nov 2024 01:46 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News : गायों का रंग-बिरंगे रेशमी वस्त्र, मुकुट और आभूषणों से शृंगार किया गया। पूजा के बाद गायों को गुड़, फल और मिठाई के साथ हरे चारे के रूप में साग, खीरा, लौकी, सेम, गाजर, मूली, हरा मटर का भोग लगाया गया।
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धर्मसंघ में गोपूजन करते लोग। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कार्तिक शुक्ल पक्ष की अष्टमी पर परंपरा के अनुसार गो पूजन हुआ। धर्मसम्राट स्वामी करपात्री महाराज की तपोभूमि धर्मसंघ परिसर में विधि-विधान से गोपूजन हुआ। 21 वैदिक ब्राह्मण और 111 बटुकों ने शुक्ल यजुर्वेद के मंत्रोच्चार के साथ षोडशोपचार विधि से गो पूजन किया। आरती के बाद श्रद्धालुओं ने गायों की प्रदक्षिणा की।

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दुर्गाकुंड स्थित धर्मसंघ प्रांगण परिसर में शनिवार को स्थापित स्वामी करपात्री आदर्श गोशाला में सुबह सात बजे धर्मसंघ महामंत्री पं. जगजीतन पांडेय ने सविधि पूजन अर्चन प्रारंभ किया। धर्मसंघ पीठाधीश्वर स्वामी शंकरदेव चैतन्य ब्रह्मचारी महाराज के सानिध्य में 21 वैदिक ब्राह्मणों और 111 बटुकों ने सर्वप्रथम गौरी-गणेश पूजन और सूर्य पूजन कराया।

भगवान विष्णु के पूजन के बाद गोपूजन किया गया। गोपाष्टमी पर पूजन के पूर्व गोशाला की देशी गाय, साहीवाल, गंगातीरी, गिर गायों को पंचगव्य और पंचामृत स्नान कराया गया। अंत में आरती कर उनकी प्रदक्षिणा की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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गोमाता ही सृष्टि की उद्धारक: गोपूजन के उपरांत धर्मसंघ के महामंत्री पं. जगजीतन पांडेय ने गोसेवकों को संदेश देते हुए कहा कि धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी का पूरा जीवन गो सेवा के लिए समर्पित रहा। श्री काशी सुमेरु पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज ने आदि शंकराचार्य महासंस्थानम् न्यास द्वारा संचालित गोशाला में गो माता का विधि-विधान से पूजन किया। उन्होंने कहा कि गाय माता की सेवा से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। 

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धर्मसंघ में गोपूजन करते लोग। - फोटो : अमर उजाला
देश के सात लाख गांवों में स्थापित होगा गोध्वज
गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए काशी से 36 प्रदेशों में गोध्वज स्थापित होंगे। आने वाले समय में देश के सात लाख गांवों में गोध्वज प्रतिष्ठा की जाएगी। गोपाष्टमी के मौके पर ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने 36 प्रदेशों के गो प्रतिनिधियों को गोध्वज के साथ विद्यामठ से रवाना किया। श्री विद्यामठ में शंकराचार्य ने गोरक्षा आंदोलन के बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। 

गोशालाओं में पूजी गईं गो माता
गोपाष्टमी पर गोशालाओं में गायों की पूजा हुई और शोभायात्रा निकाली गई। केंद्रीय गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता एवं संत गोपेश महाराज ने सैकड़ों भक्तों को गो सेवा और गो रक्षा का संकल्प दिलाया। गोभक्त काशी की ओर से बिरदोपुर स्थित काशी विश्वनाथ गोशाला में गोपाष्टमी महोत्सव मनाया गया। 
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