सीटों के बंटवारे पर पेच के कारण सपा-कांग्रेस गठबंधन का चुनावी पहिया आगे नहीं बढ़ पा रहा है। वजह है अमेठी-रायबरेली संसदीय क्षेत्रों की 10 सीटों पर कांग्रेस का दावा। पार्टी रणनीतिकारों का कहना है कि अमेठी, रायबरेली की सीटों को लेकर नए सिरे से समन्वय बैठाने के कारण उम्मीदवारों की घोषणा में देरी हो रही है।
कांग्रेस तीन फरवरी तक वाराणसी समेत अन्य सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर सकती है। अमेठी-रायबरेली की सीटों को लेकर कांग्रेस को अपने दावे वाली सीटों को छोड़ना पड़ सकता है।
शहर उत्तरी सीट पर जहां कांग्रेस पूर्व विधायक राबिया कलाम को उम्मीदवार बनाने की तैयारी कर रही थी, वहीं अब नए समीकरण में यह सीट सपा को दिए जाने के संकेत मिल रहे हैं।
शिवपुर विधानसभा सीट पर अभी तक कांग्रेस लड़ने का मन बना रही थी लेकिन यह सीट भी सपा के हिस्से में जा सकती है। पार्टी नेताओं का कहना है कि स्क्रीनिंग के बाद फाइनल सूची तैयार हो गई है।
गठबंधन की सीटों पर चर्चा को लेकर सोमवार को सपा जिलाध्यक्ष डॉ. पीयूष यादव पिंडरा विधायक अजय राय से मिले। सूत्रों के मुताबिक शहर उत्तरी सीट से पूर्व विधायक अब्दुल समद अंसारी सपा उम्मीदवार बनाए जा सकते हैं।
पूर्व में भी उन्हें प्रत्याशी बनाया गया था लेकिन बाद में शिवपाल यादव ने उनका टिकट काटकर ओपी सिंह को प्रत्याशी बना दिया था। समद 2007 के विधानसभा चुनाव में जीते थे लेकिन 2012 के चुनाव में सपा की लहर के बाद भी चुनाव हार गए थे। वहीं शिवपुर सीट से आनंद मोहन यादव उर्फ गुड्डु की दावेदारी मजबूत है।