बनारस में लगातार पराजय का सामना कर रही कांग्रेस में स्थानीय स्तर पर सर्वे की रिपोर्ट के बाद बड़े बदलाव के संकेत मिलने शुरू हो गए हैं। निकाय चुनाव के बाद बनारस में नेतृत्व परिवर्तन की आवाज फिर से तेज हो गई है।
इसके लिए अब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुरजेवाला से सोशल मीडिया के माध्यम अपील की जा रही है। हालांकि यह हाल लगभग पूरे प्रदेश में चल रहा है।
इसके पीछे कार्यकर्ताओं का तर्क है कि पीएम के संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस को मजबूत करने के लिए खुद राहुल गांधी की टीम ने सर्वे किया है और उसी टीम की रिपोर्ट के आधार पर कई फेरबदल हो सकते हैं।
निकाय चुनाव के दौरान नेतृत्व परिवर्तन की मांग को लेकर कई नेताओं ने आलाकमान से शिकायत की थी। शीर्ष नेतृत्व ने गोपनीय तरीके से बनारस में सर्वे भी कराया है और इसकी रिपोर्ट आलाकमान को भेजी जा चुकी है। राहुल गांधी की टीम पहली बार कोई सर्वे नहीं करा रही है पर 2019 लोकसभा चुनाव से पहले टीम का सर्वे काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सर्वे रिपोर्ट के बाद जिस तरह से राहुल गांधी को ट्वीट किए जा रहे हैं उससे लगता है कि शीर्ष नेतृत्व स्थानीय स्तर पर नेतृत्व परिवर्तन कर सकता है। वरिष्ठ कांग्रेेसी नेताओं का कहना है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर भी स्थानीय कांग्रेस की कार्य प्रणाली से संतुष्ट नहीं हैं।
ऐसे में उन्होंने एआईसीसी को जो 42 सदस्यीय प्रदेश कमेटी की सूची भेजी है उसमें बनारस से सिर्फ वर्तमान प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. राजेश मिश्र का ही नाम है। कहा यह भी जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष जल्द से जल्द बनारस कांग्रेस कमेटी में बदलाव करना चाहते हैं।