वाराणसी के खंड विकास कार्यालय बड़ागांव के चार कर्मचारियों के खिलाफ खंड विकास अधिकारी की तहरीर के आधार पर बड़ागांव थाने में धोखाधड़ी सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रकरण मनरेगा मजदूरी के 2.31 लाख रुपये की हेराफेरी से संबंधित है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
खंड विकास अधिकारी दीपांकर आर्य ने बड़ागांव थाने में प्रार्थना पत्र दिया। उन्होंने बताया कि ग्रामीण आवास प्राप्त करने वाले लाभार्थियों को आवास निर्माण के लिए 90 दिन की मजदूरी मनरेगा योजना से दी जाती है। विकास खंड कार्यालय के मनरेगा
कंप्यूटर ऑपरेटर सुनील कुमार द्वारा बताया गया कि आवास कंप्यूटर ऑपरेटर अरविंद कुमार पाल ने वर्ष 2015-16 में 17 आवासों के लिए आई मनरेगा मजदूरी अपने करीबियों के खाते में ट्रांसफर कर दी। एमआईएस परीक्षण में सामने आया कि 2.31 लाख रुपये की हेराफेरी की गई है। प्रकरण में सुनील कुमार, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा दिलीप दूबे और लेखाकार मनरेगा विजयकांत की चूक भी उजागर हुई है।