बीएचयू परिसर के प्रमुख मार्गों, छात्रावासों और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर सुरक्षा निगरानी को पुख्ता बनाए जाने के साथ ही सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएं। महिला छात्रावासों पर महिला सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाए।
कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण और जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने बीएचयू के कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी को पत्र भेजकर यह सुझाव दिया है। कानून व्यवस्था और छात्र-छात्राओं की समस्याओं के समाधान में हर स्तर पर सहयोग की बात कही है।
उन्होंने कहा है कि सीसीटीवी कैमरे लगवाने में यदि धन की कमी आएगी तो इसके लिए निर्भया फंड से धन मुहैया कराया जाएगा। कमिश्नर और डीएम ने सोमवार को भेजे पत्र में कहा है कि छात्र एवं छात्राओं की समस्याओं का समाधान पूरी तत्परता से कराया जाना जरूरी है।
‘विशाखा’ प्रकरण के अलावा उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय की ओर से दी गई विधि व्यवस्था के अनुसार एक समिति बनाई जाए, जिसमें छात्राओं का भी समुचित प्रतिनिधित्व हो। यह समिति समयबद्ध रूप से कुलपति को अपनी आख्या दे और उसके अनुरूप विश्वविद्यालय प्रशासन कार्रवाई करे।
विश्वविद्यालय कैंपस के सभी निकास, प्रवेश द्वार, समस्त छात्रावासों और महिला छात्रावासों को विशेष रूप से सीसीटीवी नेटवर्क से जोड़ा जाए। प्रॉक्टोरियल बोर्ड एवं विश्वविद्यालय के संबंधित निकाय द्वारा टीम बनाकर परिसर में आकस्मिक चेकिंग की जाए।
चार एसीएम की लगाई गई ड्यूटी
एडीएम सिटी वीरेंद्र पांडेय ने चार एसीएम एवं डिप्टी कलेक्टर मॉल की बीएचयू परिसर में शिफ्टवार ड्यूटी लगाई है। सुबह दस से शाम चार, शाम चार से रात दस और रात दस से सुबह चार बजे तक अलग-अलग मजिस्ट्रेट यहां कैंपस करेंगे।
ये मजिस्ट्रेट अपने समकक्ष पुलिस अधिकारियों के संपर्क में रहेंगे और उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट करेंगे।