1.102 हेक्टेयर जमीन पर बनारस क्लब के अवैध कब्जे से संबंधित मामले की सुनवाई मंगलवार को अधिवक्ता मो. यासीन के निधन के बाद कचहरी में कंडोलेंस होने के चलते टल गई। अब इस मामले की सुनवाई की तिथि 19 अक्तूबर नियत की गई है। बता दें कि यह मामला एडीजे नवम विकास सक्सेना की कोर्ट में विचाराधीन है।
बनारस क्लब के कब्जे की 1.102 हेक्टेयर जमीन को लेकर करीब छह साल पहले तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट ने बेदखली का आदेश जारी किया था। इस आदेश के खिलाफ बनारस क्लब की ओर से जिला जज की अदालत में पब्लिक प्रिमिसेज एक्ट के तहत अपील दाखिल की गई थी। तभी से यह मामला विचाराधीन है। मंगलवार को एडीजे नवम की अदालत में इसकी सुनवाई होनी थी लेकिन कंडोलेंस के चलते सुनवाई नहीं हो सकी। उधर, बनारस क्लब से जुड़े इस मामले से संबंधित पत्रावली का अध्ययन करने के बाद बनारस बार एसोसिएशन मुकदमे का पक्षकार बनने के लिए न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने की तैयारी में है।
सरकारी जमीन का पट्टा डेढ़ साल से खत्म होने के बावजूद उस पर संचालित बनारस क्लब को लेकर लामबंद अधिवक्ता दशहरा बाद इस मसले पर बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे। इस बारे में मंगलवार को बनारस बार एसोसिएशन के महामंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि इस मामले को लेकर जिलाधिकारी विजय किरन आनंद का सकारात्मक रुख देखकर पांच अक्तूबर से बनारस क्लब के गेट के सामने रोजाना दो घंटा धरना देने का प्रस्तावित कार्यक्रम फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। दशहरा के बाद बनारस बार सभागार में अधिवक्ताओं की बैठक बुलाकर इस बारे में आगे की रणनीति तय की जाएगी।