जांच के दौरान पुलिस ने मंडी संचालकों और पशु व्यापारियों से पूछताछ की। टीम ने यह जानने का प्रयास किया कि पशुओं को कहां से लाया गया है और मंडी संचालन के लिए किस विभाग से अनुमति ली गई है। हालांकि, मौके पर मौजूद लोग कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।
इसी दौरान लाट सरैया इलाके में भी भैंस अन्य जानवर की बिक्री की सूचना पर पुलिस टीम पहुंची। यहां भी सड़क किनारे पशुओं की खरीद-बिक्री होती मिली। पुलिस ने मंडी लगाने वाले लोगों से लाइसेंस और अनुमति पत्र दिखाने को कहा, लेकिन कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
टीम ने बताया कि बिना अनुमति पशु मंडी संचालित करना नियमों के खिलाफ है। ऐसे मामलों में पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण, सफाई व्यवस्था और सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी होता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। यदि मंडियां बिना अनुमति संचालित पाई गईं तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।