काशी में इन दिनों आसमान से आग बरस रही है। इससे पहले भी काशी का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है। यह जरूर है कि तब ऐसी स्थिति कभी-कभी ही हुआ करती थी।
बीएचयू के डिपार्टमेंट ऑफ जियोफिजिक्स के प्रो. राजीव भाटला के अनुसार, वर्ष 1981 से 2010 के बीच 30 सालों में सिर्फ 20 दिन ऐसे रहे जब तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार रहा। इस बीच 355 दिन तापमान 40 डिग्री सेल्सियस रहा। 1131 दिन तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा रहा। जबकि, 3323 दिन तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा रहा। बीएचयू के पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में इस तरह की बढ़ोतरी की अहम वजह ग्लोबल वार्मिंग के साथ ही स्थानीय स्तर पर हरियाली व पौधों से दूरी और एसी से निकटता है।