रामनगर में ज्यादातर लकड़ी गीली गिर रही है। नेवादा में लकड़ी के अभाव में लोग कागज जला रहे हैं। कोरौता बाजार के दुकानदार देवेश कुमार गुड्डू ने कहा कि यहां अलाव नहीं जलाया गया। दुकानदार चंदा लगाकर अलाव जला रहे हैं।
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प्रशासन से अलाव जलवाने की मांग
कछवा रोड, सेवापुरी ब्लॉक के ठटरा, चित्रसेनपुर, गुड़िया, बिहड़ा, छतेरी, डोमैला, मिल्कीपुर के लोगों ने प्रशासन से अलाव जलवाने की मांग की। मिर्जामुराद के गौर, चक्रपानपुर, प्रतापपुर, लालपुर, खालिसपुर, मोंगलाबीर, रूपापुर, खोचवां, लच्छापुर और पिलोरी गांव में लोग अलाव जलाए थे। चौबेपुर के मुनारी, धौरहरा, कैथी, चंद्रावती, डुबकियां और उमरहां में लोग अलाव जलाकर तापते रहे। रोहनिया में भी अलाव जलते मिले। चिरईगांव के 78 गांव में अलाव जलाए गए। पांडेयपुर, भोजूबीर, महावीर मंदिर और गैस गोदाम पर भी अलाव देखने को मिला। राजातालाब में लोग स्वयं अलाव जला रहे हैं। लोहता के कोरौता, अकेलवा, मंगलपुर, कोटवा में अलाव जलता मिला। जक्खिनी और दुर्गाकुंड में भी अलाव जलता पाया गया।
क्या बोले अधिकारी
आज 502 स्थानों पर अलाव जलवाए गए। एक वार्ड में 3 से 5 प्वाइंट पर अलाव जलाए जा रहे हैं। प्रति प्वाइंट 30 किलो लकड़ियां गिराई जाती हैं। 50 लाख रुपये का बजट है। इस बार लकड़ियां 650 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से गिराई जा रही हैं। लकड़ी गिराने के बाद उसका फोटो लिया जाता है।
-वीके सिंह, उद्यान अधीक्षक