सूचना पर आदमपुर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल नीरज को इलाज के लिए मंडलीय चिकित्सालय भेजा गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले की जानकारी होने पर एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंची।
अस्पताल में मृतक के परिजन आक्रोशित हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस विवाद की शिकायत पहले भी कई बार आदमपुर थाने और चौकी पर की गई थी, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिससे यह घटना हुई।
मृतक के बड़े भाई धीरज केवट ने बताया कि घटना में रवींद्र केवट, किशन केवट, बसंत, कन्हैया, कल्लू, भरत, टकालू, रंजिता केवट और सुमन सहित कई लोग शामिल थें। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि पूरे विवाद के पीछे क्षेत्र के एक प्रभावशाली नौका संचालक का भी हाथ है, जो लगातार दबाव बना रहा था। आदमपुर थाना प्रभारी विमल मिश्रा ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर आरोपियों की तलाश की जा रही है। घटना के बाद से सक्का घाट क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।