आप जाकर इस महादान का हिस्सा बन सकते हैं। रक्तदान करने के दौरान ही शिविर में आपको प्लड ग्रुप की जानकारी मिल सकती है। आप जानते हैं कि रक्तदान एक ऐसा दान है, जिसका कोई विकल्प नहीं है और ऐसा करके आप दूसरों की जान बचाकर पुण्य के भागी बन सकते हैं। यह भी सही है कि रक्त को किसी से खरीदा नहीं जा सकता है और केवल लोगों के दान से ही जरूरतमंदों की मदद की जा सकती है। ऐसे में अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान करने के लिए आगे आने की जरूरत है।
अस्पतालों में भर्ती मरीजों में बहुत से ऐसे मरीज होते हैं, जिन्हें रक्त की जरूरत पड़ती है लेकिन उन्हें समय पर खून इसलिए नहीं मिल पाता है। क्योंकि उनके साथ कोई डोनर नहीं होता है। ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदान से दिया गया खून ही इन जरूरतमंदों के इलाज में काम आता है।
यह भी जानना जरूरी है कि जरूरत के हिसाब से जितना ब्लड चाहिए उतना मिल नहीं पाता है। यही वजह है कि लोगों से रक्तदान की अपील की जाती है।
रक्तदान से पहले यह जानना है जरूरी -
- 18 से 65 साल का कोई भी व्यक्ति रक्तदान कर सकता है।
- 90 दिन में एक बार रक्तदान कर सकते हैं।
- अगर शरीर में 12.5 ग्राम से अधिक हीमोग्लोबिन है तो डॉक्टरों की सलाह पर रक्तदान कर सकते हैं।
- रक्तदान करने से एक दिन पहले पूरी नींद बहुत जरूरी है।