मध्याह्न भोजन में लापरवाही मिलने पर खंड शिक्षा अधिकारी ने नोटिस जारी किया। वहीं बीएसए ने जिले के शिक्षकों से मध्याह्न भोजन में मेन्यू के हिसाब से छात्रों को भोजन परोसने की हिदायत दी है।
वाराणसी जिले में प्राथमिक विद्यालयों में मध्याह्न भोजन में मिली गड़बड़ी को अमर उजाला ने पड़ताल के दौरान जब प्रकाशित किया तो शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। बीएसए ने जिले के शिक्षकों से मध्याह्न भोजन में मेन्यू के हिसाब से छात्रों को भोजन परोसने की हिदायत दे दी है। वहीं लापरवाह विद्यालयों पर जांच के निर्देश दे दिए गए हैं।
विज्ञापन
चोलापुर के खंड शिक्षा अधिकारी नागेंद्र सरोज ने बताया कि मामला संज्ञान में लिया गया है। चोलापुर ब्लॉक के रसड़ा सुल्तनीपुर नियार के प्रधानाध्यापक को मध्याह्न भोजन के रजिस्टर के साथ शुक्रवार को बीआरसी चोलापुर तलब किया गया। इसके अलावा कारण बताओ नोटिस भी जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। शुक्रवार को कई स्कूलों में मध्याह्न भोजन को लेकर चौकसी देखने को मिली।
बता दें जिले के 1143 प्राथमिक विद्यालयों में रोजाना जो मिड डे मील का भोजन परोसा जाता है, उसमें 50 से अधिक विद्यालयों में मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं होता है। बृहस्पतिवार को इसकी पड़ताल कराई गई, तो पाया गया कि कई स्कूलों में बिना मेन्यू के पालन के ही भोजन तैयार किया गया था। कहीं पानी जैसी दाल मिली तो कहीं सब्जी भी नहीं दी गई।
विज्ञापन
पड़ताल में चोलापुर, दानगंज, सुंदरपुर, लोहता, केराकतपुर आदि क्षेत्र के 8 से अधिक प्राथमिक विद्यालयों में पाया गया कि बच्चे मिड डे मील योजना के तहत जमीन पर बिना टाट और दरी के भोजन कर रहे थे।